जी राम जी कानून का जिक्र होते ही भड़का विपक्ष
संसद में बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हंगामे की स्थिति हो गई। हुआ यूँ की राष्ट्रपति ने अभिभाषण के दौरान जैसे में जी राम जी कानून का जिक्र किया विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर हंगामा कर दिया।
राष्ट्रपति का अभिभाषण
बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ हुई। अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने देश के चहुँमुखी विकास की बात की डिफेंस से लेकर ट्रेड तक भारत की तरक्की के बारे में विस्तार से जिक्र किया। राष्ट्रपति ने कहा कि नए साल 2026 के साथ, हमारा देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 साल में कई सफलताओं, गर्व भरी उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों से भरे रहे हैं। पिछले 10-11 सालों में, भारत ने हर सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है। यह साल विकसित भारत की हमारी यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है।
President Of India के अभिभाषण के बीच नारेबाजी
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान अचानक एक समय ऐसा भी आया, जब विपक्ष ने बीच अभिभाषण में ही नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। दरअसल, अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस दौरान विपक्षी पार्टियां भड़क गईं और नारेबाजी करने लगीं। राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी कानून बनाया गया है। राष्ट्रपति के इतना कहते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान जब विपक्ष नारेबाजी कर रहा था, तब एनडीए समर्थकों ने मेज थपथपाकर अभिभाषण और जी राम जी कानून का समर्थन किया। विपक्षी सांसद इस दौरान वापस लो, वापस लो, ये कानून वापस लो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि, कुछ मिनटों तक नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सांसद शांत हो गए और राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी रहा।
