Tuesday, 6 October 2026
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आधार कार्ड अपडेट के नए नियम: नाम में बदलाव से लेकर गजट नोटिफिकेशन तक, जानें 5 बड़े बदलाव

संक्षेप में

UIDAI द्वारा 18 सितंबर 2026 को लागू नए SOP के तहत आधार कार्ड में नाम सुधार के नियमों को श्रेणियों में बांटा गया है। मामूली सुधार, ऑपरेटर की गलती, विवाह के बाद सरनेम और पूरा नाम बदलने (गजट नोटिफिकेशन) के लिए अलग-अलग दस्तावेज और एफिडेविट अनिवार्य किए गए हैं।

मुख्य बातें

  • नए SOP नियम 18 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं।
  • डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती पर वयस्कों को Annexure B एफिडेविट देना होगा।
  • पूरा नाम बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
  • कैपिटल लेटर्स की अशुद्धि सुधारने के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं है।
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आधार कार्ड अपडेट के नए नियम: नाम में बदलाव से लेकर गजट नोटिफिकेशन तक, जानें 5 बड़े बदलाव

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम अपडेट और सुधार कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 18 सितंबर 2026 को जारी नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) ने पुरानी व्यवस्था की जगह ले ली है। नए दिशानिर्देशों के तहत नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके लिए श्रेणी के आधार पर दस्तावेजों की मांग की जाएगी।

प्राधिकरण के मुताबिक, सभी आवेदनों की जांच दस्तावेजों, शपथ पत्र (Affidavit) और गजट नोटिफिकेशन के सत्यापन के बाद ही आगे बढ़ाई जाएगी। आधार धारकों को नए नियमों से जुड़े इन पांच अहम पहलुओं को जानना जरूरी है।

मामूली सुधार: क्या है प्रक्रिया और कौन से दस्तावेज जरूरी

अगर किसी व्यक्ति की पहचान में कोई मूलभूत बदलाव नहीं हो रहा है और केवल नाम में मामूली सुधार करना है, तो उसे ' माइनर नेम चेंज' की श्रेणी में रखा गया है। इसमें नाम के शुरुआती अक्षरों को पूरा करना, मिडिल नेम या सरनेम जोड़ना-हटाना, नाम के क्रम में बदलाव करना और उच्चारण में एक जैसे रहने वाले स्पेलिंग सुधार शामिल हैं।

इस तरह के बदलावों के लिए आधार धारकों को पहचान पत्र (PoI) जमा करना होगा। इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के बच्चों के मामले में परिवार के मुखिया (HoF) आधारित अपडेट के लिए संबंध का प्रमाण (PoR) देना अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए, 'Ram' को 'Rama' या 'Somya' को 'Saumya' करना इसी श्रेणी में आता है।

ऑपरेटर की गलती पर एफिडेविट का नियम

आधार बनवाते समय यदि डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती की वजह से नाम गलत दर्ज हो गया है, तो उसके सुधार का तरीका अलग तय किया गया है। 18 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को Annexure B एफिडेविטים के साथ PoI या PoR देना होगा।

वहीं, यदि आवेदक नाबालिग है, तो उसके माता-पिता या अभिभावक को Annexure C एफिडेविट के साथ जरूरी पहचान दस्तावेज जमा कराने होंगे।

विवाह और तलाक के बाद सरनेम बदलने के नियम

शादी या तलाक के बाद सरनेम में बदलाव करने वाली महिलाओं के लिए भी SOP में स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में आवेदक को Annexure D एफिडेविट और पहचान का प्रमाण (PoI) देना होगा।

शपथ पत्र के जरिए यह पुष्टि करनी होगी कि सरनेम में किया जा रहा बदलाव विवाह या तलाक की वजह से है और इससे व्यक्ति की मूल पहचान नहीं बदल रही है। जेंडर में बदलाव के बाद नाम अपडेट करने के लिए भी संबंधित PoI जमा करना होगा।

बिना दस्तावेजों के भी सुधरेंगे नाम

प्राधिकरण ने कुछ ऐसे मामलों को भी चिह्नित किया है जहां नाम में सुधार के लिए किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी।

इसमें केवल नाम में गलत तरीके से टाइप किए गए कैपिटल लेटर्स (Capital Letters) को ठीक करना शामिल है। उदाहरण के तौर पर, यदि सिस्टम में 'RaMesh' दर्ज है, तो उसे सुधारकर 'Ramesh' करने के लिए किसी अतिरिक्त प्रमाण की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पूरा नाम बदलने के लिए गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य

यदि कोई व्यक्ति अपना पूरा नाम बदलना चाहता है जिससे उसकी पहचान में बड़ा बदलाव होता है, तो इसे 'मेजर नेम चेंज' माना जाएगा।

इस श्रेणी के तहत नाम अपडेट कराने के लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) देना अनिवार्य कर दिया गया है। गजट नोटिफिकेशन के साथ-साथ संबंधित पहचान प्रमाण भी जमा करना होगा, जिसके बाद ही प्रक्रिया पूरी होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आधार कार्ड में नाम सुधार के नए नियम कब से लागू हुए हैं?

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी नए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) 18 सितंबर 2026 से लागू हो गए हैं, जिन्होंने पुराने नियमों की जगह ली है।

मामूली सुधार (Minor Name Change) के तहत किन बदलावों को रखा गया है?

मामूली सुधार के तहत नाम के शुरुआती अक्षरों को पूरा करना, मिडिल या सरनेम जोड़ना-हटाना, नाम का क्रम बदलना और उच्चारण में समान रहने वाले स्पेलिंग सुधार आते हैं।

डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती पर नाम ठीक कराने के लिए क्या देना होगा?

18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को Annexure B एफिडेविट और पहचान प्रमाण देना होगा, जबकि नाबालिग के मामले में अभिभावक को Annexure C एफिडेविट जमा करना होगा।

क्या बिना किसी दस्तावेज के भी आधार में नाम सुधारा जा सकता है?

हाँ, नाम में गलत तरीके से दर्ज किए गए कैपिटल लेटर्स को ठीक करने जैसे मामूली बदलावों के लिए किसी भी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती है।

पूरा नाम बदलने के लिए कौन सा दस्तावेज अनिवार्य है?

पूरा नाम या मेजर नेम चेंज की कैटेगरी में नाम बदलने के लिए आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) और पहचान का प्रमाण देना अनिवार्य है।