Tuesday, 6 October 2026
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अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल: गार्ड्स के साथ गश्त करती हैं 12 बिल्लियां, लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर की बचा चुकी हैं जान

संक्षेप में

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में 10-12 बिल्लियां सुरक्षा प्रहरियों के साथ गश्त करती हैं। लॉरेंस गैंग के गुर्गों और हार्डकोर कैदियों के बीच रहने वाली इन बिल्लियों ने एक बार सेल में घुसे कोबरा सांप से कैदी की जान बचाई थी।

मुख्य बातें

  • अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में 10 से 12 बिल्लियां हैं जो गार्ड्स के साथ गश्त करती हैं।
  • सितंबर में इन बिल्लियों ने कोबरा सांप को घेरकर लॉरेंस गैंग के एक गैंगस्टर की जान बचाई थी।
  • जेल में वर्तमान में रोहित गोदारा और लॉरेंस गैंग समेत करीब 90 हार्डकोर क्रिमिनल बंद हैं।
  • बिल्लियों को मूल रूप से जेल में चूहे पकड़ने के लिए लाया गया था।
अजमेर संभाग
अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल: गार्ड्स के साथ गश्त करती हैं 12 बिल्लियां, लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर की बचा चुकी हैं जान

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में इन दिनों सुरक्षा प्रहरियों के साथ बिल्ली दल की गश्त चर्चा का विषय बना हुआ है। रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों समेत करीब 90 हार्डकोर क्रिमिनल्स के बीच रह रहीं ये 10 से 12 बिल्लियां न सिर्फ जेल की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं, बल्कि एक गंभीर खतरे से भी कैदी की जान बचा चुकी हैं।

जेल परिसर में इनकी आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। काली और भूरी रंगत वाली इन बिल्लियों को गार्ड उनके रंगों के आधार पर ही पुकारते हैं। जब जेल प्रहरी और अधिकारी अलग-अलग बैरकों की निगरानी के लिए निकलते हैं, तो ये बिल्लियां भी उनके साथ कदमताल करते हुए चलती हैं। गश्ती दल के रुकने पर वे भी ठहर जाती हैं और आगे बढ़ने पर साथ हो लेती हैं।

कोबरा से बचाई थी गैंगस्टर की जान

बीते सितंबर महीने में इन बिल्लियों की सतर्कता ने एक बड़ा हादसा टाल दिया था। जेल प्रशासन के मुताबिक, एक रात लॉरेंस गैंग से जुड़े एक गैंगस्टर की सेल में नाली के रास्ते एक जहरीला कोबरा सांप घुस गया था। कैदी उस वक्त गहरी नींद में था और उसे इस खतरे की कोई भनक नहीं थी।

बिल्लियों की नजर जब उस सांप पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उस सेल को घेर लिया और तेज आवाज में म्याऊं-म्याऊं कर शोर मचाने लगीं। इस असहज हलचल से गैंगस्टर की नींद खुल गई। उसने जैसे ही सामने कोबरा देखा, ड्यूटी पर तैनात संतरी को आवाज लगाकर सतर्क किया। समय रहते रेस्क्यू टीम ने सांप को बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

बंदियों और प्रहरियों के बीच खास अपनापन

मूल रूप से इन बिल्लियों को परिसर में चूहों के आतंक से निपटने के लिए लाया गया था, लेकिन समय के साथ ये जेल का ही हिस्सा बन गईं। बाहर की दुनिया और अपने परिवारों से कटे इन हार्डकोर बंदियों के लिए ये बिल्लियां तन्हाई के बीच सुकून का जरिया हैं। कैदी इन्हें अपने हिस्से का दूध और रोटी चूरकर खिलाते हैं। यदि किसी दिन ये बिल्लियां नजर न आएं, तो बंदी तुरंत प्रहरियों से इनके बारे में पूछताछ करते हैं।

जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि हाई-सिक्योरिटी जेल के भीतर वर्तमान में करीब 90 कुख्यात अपराधी और गैंगस्टर बंद हैं। ऐसे में यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। प्रशासन इस बात पर भी पूरी नजर रखता है कि इन बेरोक-टोक घूमने वाली बिल्लियों की आड़ में कोई प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर पहुंचाने की कोशिश न कर सके। अजमेर की इस जेल में अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, हालांकि साल 2013 में ब्राजील की एक जेल में बिल्ली के शरीर पर मोबाइल और औजार बांधकर अंदर भेजने का वाकया सामने आ चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में कितनी बिल्लियां हैं?

अजमेर की हाई-सिक्योरिटी जेल में करीब 10 से 12 बिल्लियां हैं, जिन्हें मूल रूप से चूहों को पकड़ने के लिए लाया गया था।

इन बिल्लियों ने गैंगस्टर की जान कैसे बचाई थी?

सितंबर महीने में एक गैंगस्टर की कोठरी में नाली के रास्ते कोबरा सांप घुस गया था। बिल्लियों ने सांप को घेरकर शोर मचाया, जिससे कैदी की नींद खुल गई और उसने संतरी को सतर्क कर दिया।

अजमेर हाई-सिक्योरिटी जेल में वर्तमान में कितने कैदी बंद हैं?

इस जेल में रोहित गोदारा और लॉरेंस गैंग के गुर्गों समेत करीब 90 हार्डकोर क्रिमिनल और कुख्यात अपराधी बंद हैं।

जेल में बिल्लियों की सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?

बिल्लियां जेल में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूम सकती हैं, लेकिन जेल प्रशासन इनकी आवाजाही पर नजर रखता है ताकि कोई इनके जरिए प्रतिबंधित सामान अंदर न पहुंचा सके।