Tuesday, 13 October 2026
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छिंदवाड़ा की मोरखा पंचायत में विकास कार्यों और मनरेगा में गड़बड़ी के आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

संक्षेप में

छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मोरखा में विकास कार्यों, मनरेगा में फर्जी हाजिरी और शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोपों को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई है।

मुख्य बातें

  • ग्राम पंचायत मोरखा के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई के दौरान शिकायत सौंपी।
  • मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी दर्ज करने का आरोप लगाया गया।
  • सहायक सचिव बीरबल चंद्रवंशी पर शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती करने का आरोप है।
  • ग्रामसभा की बैठकें नियमित रूप से न होने की बात भी सामने आई है।
मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा की मोरखा पंचायत में विकास कार्यों और मनरेगा में गड़बड़ी के आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोरखा में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के संचालन में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है। इसे लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों और मनरेगा के मस्टर रोल की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों में फर्जी मजदूरों की हाजिरी दर्ज कर कागजों पर राशि निकाली जा रही है। इसके अलावा कपिलधारा योजना के नियमों को ताक पर रखकर शासकीय भूमि पर व्यक्तिगत लाभ के कार्य कराए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है।

सहायक सचिव पर जमीन पर कब्जे का आरोप

शिकायत लेकर पहुँचे ग्रामीणों ने पंचायत के सहायक सचिव बीरबल चंद्रवंशी पर व्यक्तिगत रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा कर खेती करने का गंभीर आरोप भी लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर लंबे समय से नियमों की अनदेखी की जा रही है और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत कागजों से बिल्कुल अलग है।

ग्राम पंचायत में पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि नियमानुसार नियमित अंतराल पर ग्रामसभा की बैठकें आयोजित नहीं की जातीं। इस वजह से शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुँच पाती और पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ता पवन चंद्रवंशी ने बताया- "मनरेगा के फर्जी मस्टर रोल से लेकर सरकारी जमीन पर कब्जे तक कई गंभीर अनियमितताएं चल रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मनरेगा कार्यों की भौतिक और अभिलेखीय जांच के साथ-साथ शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों को मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छिंदवाड़ा की किस ग्राम पंचायत में अनियमितताओं की शिकायत की गई है?

छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोरखा में अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई गई है।

ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किन मामलों को लेकर शिकायत दर्ज कराई है?

ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी, कपिलधारा योजना के नियमों के उल्लंघन और ग्रामसभा की बैठकें नियमित रूप से न होने की शिकायत की है।

पंचायत के किस कर्मचारी पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप है?

ग्रामीणों ने पंचायत के सहायक सचिव बीरबल चंद्रवंशी पर शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती करने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?

ग्रामीणों ने संपूर्ण मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।