Friday, 16 October 2026
अभी का दौर

देवगढ़ बारिया में रसूख का खेल: विधायक के बेटे के निजी मकान पर धुलाई के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड, 25 हजार का जुर्माना

संक्षेप में

गुजरात के देवगढ़ बारिया में स्थानीय विधायक के बेटे के निजी मकान को साफ करने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजने का मामला सामने आया है। आग की झूठी सूचना देकर बुलाई गई इस गाड़ी के उपयोग पर नगर पालिका ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और कांग्रेस ने FIR की मांग की है।

मुख्य बातें

  • घटना 4 अक्टूबर की है जब देवगढ़ बारिया में विधायक बचुभाई खाबड़ के बेटे के मकान पर फायर ब्रिगेड भेजी गई थी।
  • नगर पालिका अध्यक्ष ने आग लगने की आपातकालीन सूचना देकर फायर टेंडर बुलवाया था।
  • फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काम रोका और 2,700 रुपये का चार्ज वसूला।
  • प्रशासन ने गुजरात फायर प्रिवेंशन एक्ट के तहत 25,000 रुपये का जुर्माना और 3 दिन का नोटिस दिया है।
  • कांग्रेस ने इस मामले में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर FIR दर्ज करने की मांग की है।
राज्य समाचार
देवगढ़ बारिया में रसूख का खेल: विधायक के बेटे के निजी मकान पर धुलाई के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड, 25 हजार का जुर्माना

गुजरात के दाहोद जिले के देवगढ़ बारिया से सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का एक मामला सामने आया है। यहां स्थानीय विधायक बचुभाई एम. खाबड़ के बेटे बलवंतभाई बचुभाई खाबड़ के निजी मकान को धोने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना भरने का औपचारिक नोटिस जारी किया है।

घटना बीते 4 अक्टूबर की है। नगर पालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल ने फायर स्टेशन पर फोन कर आपातकालीन स्थिति यानी आग लगने की सूचना दी थी, जिसके बाद पिपेरो गांव स्थित विधायक के आवास पर फायर टेंडर रवाना किया गया था।

आग की झूठी सूचना देकर बुलवाई गई गाड़ी

आधिकारिक दस्तावेजों और विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात फायर कर्मियों ने गाड़ी रवाना करने से पहले चीफ ऑफिसर से मौखिक अनुमति ली थी। हालांकि, पिपेरो गांव स्थित मौके पर पहुंचने के बाद कर्मचारियों को पता चला कि वहां कोई आग नहीं लगी है, बल्कि फायर टेंडर का इस्तेमाल निजी मकान के बाहरी हिस्से को साफ करने के लिए किया जा रहा है।

मौके पर स्थिति भांपते हुए फायर कर्मियों ने तुरंत पानी का इस्तेमाल रोक दिया। कर्मचारियों ने मौके पर ही 2,700 रुपये का वाहन चार्ज वसूला और गाड़ी वापस फायर स्टेशन ले आए। इसके बाद विभाग को पूरी घटना की आंतरिक रिपोर्ट सौंप दी गई, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई।

गुजरात फायर प्रिवेंशन एक्ट के तहत नोटिस

नगर पालिका प्रशासन की ओर से जारी औपचारिक नोटिस में 'गुजरात फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी मेजर्स एक्ट, 2013' की धारा 39 और 44 का हवाला दिया गया है। इन कानूनी प्रावधानों के तहत आपातकालीन सेवाओं की गलत जानकारी देने और विभाग को गुमराह करने पर जुर्माने का प्रावधान है।

प्रशासन ने विधायक के बेटे को 3 दिन के भीतर 25,000 रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में राशि का भुगतान न होने पर पुलिस कार्रवाई समेत सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

सियासी पारा चढ़ा, कांग्रेस ने की FIR की मांग

इस घटना के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्ता के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

कांग्रेस ने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या फायर ब्रिगेड की गाड़ी तय प्रशासनिक नियमों के तहत भेजी गई थी या सिर्फ एक फोन कॉल के आधार पर सरकारी वाहन भेज दिया गया। पार्टी ने संसाधनों के गलत इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार सभी लोगों पर पुलिस कार्रवाई की मांग की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

देवगढ़ बारिया में फायर ब्रिगेड के दुरुपयोग का मामला क्या है?

गुजरात के देवगढ़ बारिया में 4 अक्टूबर को स्थानीय विधायक बचुभाई खाबड़ के बेटे के निजी मकान को साफ करने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजी गई थी, जिसे आग लगने की झूठी सूचना देकर बुलवाया गया था।

प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?

नगर पालिका प्रशासन ने गुजरात फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी मेजर्स एक्ट, 2013 की धाराओं के तहत विधायक के बेटे को 25,000 रुपये का जुर्माना भरने का नोटिस दिया है और 3 दिन का समय दिया है।

फायर कर्मियों को मौके पर क्या पता चला?

मौके पर पहुंचने पर फायर कर्मियों को पता चला कि आग बुझाने के बजाय गाड़ी का इस्तेमाल मकान का बाहरी हिस्सा धोने के लिए किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने तुरंत काम रोक दिया और 2,700 रुपये चार्ज वसूला।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या रही?

विपक्ष दल कांग्रेस ने सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और दोषी लोगों पर पुलिस कार्रवाई की मांग की है।