सागर जिले के देवरी में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से की गई कथित टिप्पणी को लेकर वाल्मीकि समाज में भारी आक्रोश है। समाज के लोगों ने नगर पालिका चौराहे पर भाजपा पदाधिकारी का पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की। इस मामले में राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

विरोध प्रदर्शन कर रहे समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसमें क्रमिक भूख हड़ताल और रैलियां शामिल हैं।

झुनकू वार्ड के शिविर में उठा विवाद

यह पूरा मामला 4 अक्टूबर को देवरी नगर के झुनकू वार्ड स्थित रैन बसेरा में आयोजित नगर स्तरीय शिविर के उद्घाटन कार्यक्रम से जुड़ा है। 'सेतु अभियान' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी राजेंद्र मिश्रा बतौर वक्ता शामिल हुए थे।

समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान मंच से वाल्मीकि समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की गई। इस आयोजन में क्षेत्रीय विधायक बृजबिहारी पटेरिया के अलावा कई अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद थे। सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर तेज हो गए हैं।

राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन

पुतला दहन और नारेबाजी के बाद वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्यों के साथ मिलकर एसडीएम कार्यालय का रुख किया। वहां महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन में मांग की गई है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित नेता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन की प्रतियां संभागायुक्त, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को भी भेजी गई हैं।

15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में 15 दिन की समयसीमा तय की गई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस अवधि के भीतर दोषियों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो विभिन्न सामाजिक संगठनों को साथ लेकर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

इस बीच, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और मामले की प्रशासनिक स्तर पर पड़ताल की जा रही है।