Thursday, 29 October 2026
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दीपोत्सव 2026: 6 नवंबर को धनतेरस से शुरू होगा पर्व, 8 नवंबर को लक्ष्मी-नारायण और बुधादित्य योग में मनेगी दीपावली

संक्षेप में

वर्ष 2026 में 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को मुख्य दीपावली मनाई जाएगी। इस दीपोत्सव पर बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण योग का विशेष संयोग रहेगा, जबकि गोवर्धन पूजा 10 नवंबर और भाई दूज 11 नवंबर को होगी।

मुख्य बातें

  • धनतेरस 6 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी
  • मुख्य दीपावली 8 नवंबर 2026 को होगी
  • गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 को है
  • भाई दूज 11 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी
धर्म
दीपोत्सव 2026: 6 नवंबर को धनतेरस से शुरू होगा पर्व, 8 नवंबर को लक्ष्मी-नारायण और बुधादित्य योग में मनेगी दीपावली

वर्ष 2026 में कार्तिक मास के दीपोत्सव की तारीखें तय हो गई हैं। छह दिनों तक चलने वाले इस पर्व क्रम की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ होगी। इस बार धनतेरस पर शुक्रवार और श्री-कुबेर योग का विशेष संयोग रहेगा, जबकि मुख्य दीपावली 8 नवंबर को आयुष्मान, बुधादित्य और लक्ष्मी नारायण राजयोग के साए में मनाई जाएगी। पर्वों की इन तिथियों के निर्धारण में ज्योतिषीय गणनाओं के तहत प्रदोष काल, उदया तिथि और अरुणोदय काल को आधार बनाया गया है।

, हिंदू पंचांग के 12 महीनों में कार्तिक मास को सबसे विशेष प्रधानता दी गई है। इसके कृष्ण पक्ष में करवा चौथ से लेकर नरक चतुर्दशी और धनतेरस तक के पर्व आते हैं, वहीं शुक्ल पक्ष में अन्नकूट, भाई दूज, देवप्रबोधिनी एकादशी और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख आयोजन होते हैं। धार्मिक परंपराओं के साथ यह पूरा महीना परिवारिक उल्लास और शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।

धनतेरस पर शुक्र और कुबेर का विशेष संयोग

 त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10.31 बजे शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 10.48 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि मिलने के कारण धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विधान है।

चूंकि यह दिन शुक्रवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे बेहद खास माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार को भौतिक सुख-सुविधाओं, वाहन और वैभव के कारक शुक्र ग्रह का दिन माना जाता है, जबकि कुबेर धन के अधिष्ठाता हैं। इस दिन को श्री-कुबेer योग के रूप में देखा जा रहा है, जिससे बाजारों में खरीदारी और निवेश को लेकर जबरदस्त उत्साह रहेगा।

अभ्यंग स्नान और मुख्य दीपावली 8 नवंबर को

चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10.48 बजे से शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11.28 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में चतुर्दशी तिथि मिलने के कारण 7 नवंबर की शाम को यमराज के निमित्त दीपदान किया जाएगा। इसके अलावा, अरुणोदय और उदया तिथि के आधार पर 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस का अभ्यंग स्नान होगा। इसी शाम को काली चतुर्दशी और हनुमान पूजन भी किया जाएगा।

मुख्य दीपावली  8 नवंबर को सुबह 11.28 बजे से अमावस्या तिथि शुरू होगी, जो 9 नवंबर को दोपहर 12.32 बजे तक रहेगी। दीपोत्सव के लिए प्रदोष वेला और महानिशीथ काल 8 नवंबर को मिलने के कारण इसी दिन मुख्य दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन आयुष्मान योग के साथ-साथ बुधादित्य राजयोग और लक्ष्मी नारायण योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इसके अगले दिन यानी 9 नवंबर को देव-पितृ कार्यों के लिए सोमवती अमावस्या का संयोग रहेगा।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज का शेड्यूल

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 10 नवंबर को सूर्योदय से दोपहर 2.01 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इसी दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित करने और गोवर्धन पर्वत तथा गायों की पूजा करने की परंपरा है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

इसके बाद 11 नवंबर को सुबह से दोपहर 3.54 बजे तक द्वितीया तिथि रहेगी। इस दिन भाई दूज और यम द्वितीया का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना करेंगी। इस दिन सुबह 6.40 से 11.37 बजे तक अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग भी रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वर्ष 2026 में धनतेरस कब है?

वर्ष 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन त्रयोदशी तिथि सुबह 10.31 बजे से शुरू होगी।

साल 2026 में दीपावली किस तारीख को है?

साल 2026 में मुख्य दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। इस दिन आयुष्मान योग, बुधादित्य राजयोग और लक्ष्मी नारायण योग का संयोग रहेगा।

गोवर्धन पूजा और भाई दूज 2026 में कब मनाए जाएंगे?

गोवर्धन पूजा 10 नवंबर 2026 को और भाई दूज 11 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।

धनतेरस 2026 पर कौन सा विशेष योग बन रहा है?

धनतेरस के दिन शुक्रवार होने के कारण शुक्र और कुबेर के प्रभाव से 'श्री-कुबेर योग' का विशेष संयोग बन रहा है।