अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में तेल, प्राकृतिक गैस और खनिज संसाधनों की बड़े पैमाने पर खोज और निकासी का काम जल्द शुरू होने का दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इस द्वीप को 'हमारा नया और खूबसूरत ग्रीनलैंड' बताते हुए कहा कि यहां मौजूद ऊर्जा संसाधन वैश्विक स्थिति को बदलने की क्षमता रखते हैं।
विशेषज्ञों का हवाला देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ग्रीनलैंड में दुनिया के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में आसानी से निकाला जा सकने वाला भारी मात्रा में कच्चा तेल मौजूद हो सकता है। हालांकि, उन्होंने ऊर्जा संसाधनों के दोहन की किसी विस्तृत कार्ययोजना का खुलासा नहीं किया, लेकिन काम जल्द शुरू होने के संकेत जरूर दिए हैं।
अमेरिकी सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से अहम क्षेत्र
राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका और यूरोप दोनों के लिए बेहद जरूरी बताया है। उनका कहना है कि भविष्य में किसी भी संभावित हमले की स्थिति में यह क्षेत्र सामरिक बढ़त दिला सकता है। यह द्वीप अमेरिका को ड्रोन, मिसाइल और आधुनिक हथियारों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए जरूरी प्रतिक्रिया समय और रणनीतिक एडवांटेज दे सकता है।
उत्तरी अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के बीच भौगोलिक स्थिति के कारण ग्रीनलैंड सैन्य गतिविधियों, मिसाइल निगरानी और रणनीतिक समुद्री मार्गों पर नजर रखने के लिए अहम भूमिका निभाता है। यह स्थिति अमेरिकी रक्षा प्रणालियों को समय और सटीक लोकेशन के मामले में बड़ा फायदा देती है।
त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते के मायने
ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्व-शासित क्षेत्र है। ट्रंप का यह बयान अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच सितंबर में हुए ऐतिहासिक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते के बाद आया है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रक्षा सहयोग को मजबूत करना और भू-राजनीतिक तनाव को कम करना है। इस योजना के तहत आर्कटिक द्वीप पर अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को और बढ़ाया जाना है, जिसमें दो नए बड़े सैन्य अड्डों का निर्माण भी शामिल है।
