झुंझुनूं जिले के मंडावा क्षेत्र के पीपल का बास गांव के 22 वर्षीय भारतीय वायुसेना (एयरफोर्स) के जवान आर्यन झाझड़िया को बुधवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए जवान की पार्थिव देह जैसे ही तिरंगे में लिपटी गांव पहुंची, पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े और हर आंख नम दिखाई दी।आर्यन की पार्थिव देह मंडावा से तिरंगा यात्रा के रूप में उनके पैतृक गांव पीपल का बास लाई गई। घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पिता भागीरथ, माता सरोज, बहन पूनम और दादी अन्ची देवी का विलाप देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। गांव की गलियों से लेकर मकानों की छतों तक लोगों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी रही।अंतिम संस्कार से पहले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर जवान को श्रद्धांजलि दी। मंडावा विधायक रीटा चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल ढूकिया, तहसीलदार सुरेंद्र भास्कर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।श्मशान घाट पर भारतीय वायुसेना की टुकड़ी ने जवान आर्यन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सैन्य परंपराओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम सलामी के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया और "भारत माता की जय" तथा "आर्यन अमर रहें" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।जानकारी के अनुसार, आर्यन झाझड़िया का जन्म 14 जुलाई 2004 को हुआ था। फरवरी 2024 में उनकी पहली नियुक्ति कर्नाटक के बेलगाम में हुई थी। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को उनका तबादला चेन्नई स्थित अवाड़ी वायुसेना स्टेशन पर हुआ, जहां वे अपनी सेवाएं दे रहे थे। 5 जुलाई को ड्यूटी के दौरान हुए एक हादसे में उनका निधन हो गया था।अपने गांव के इस युवा सैनिक की असमय मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने कहा कि आर्यन ने कम उम्र में ही देश सेवा का मार्ग चुना और कर्तव्य निभाते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया।