पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मारवत से इस्लामाबाद की तरफ लॉन्ग मार्च शुरू कर दिया है। इस मार्च में हजारों लोग शामिल हैं जो करीब 275 किलोमीटर की दूरी तय कर राजधानी की ओर बढ़ रहे हैं।
लक्की मारवत से करीब तीन किलोमीटर आगे बढ़ने पर फ्रंटियर फोर्स और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। दोनों तरफ से पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस गतिरोध के बाद मार्च को दोबारा आगे बढ़ाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर इस्लामाबाद में संसद भवन और प्रमुख हाईवे के रास्तों को कंटेनर लगाकर पूरी तरह सील कर दिया गया है।
आर्मी चीफ और पीटीआई सांसद की बैठक
हिंसक झड़पों की आशंका के बीच रविवार देर शाम आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और पीटीआई सांसद शहजाद शहबाज के बीच एक बैठक हुई। हालांकि, इस उच्च स्तरीय मुलाकात में किन मुद्दों पर सहमति बनी और क्या फैसले लिए गए, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले पंजाब प्रांत में शनिवार रात पुलिस ने बड़े पैमाने पर पीटीआई कार्यकर्ताओं की धरपकड़ की। पार्टी का दावा है कि इस कार्रवाई के दौरान उसके लगभग दो हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।
2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान
त्तरह साल के इमरान खान साल 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ सौ से ज्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें से तीन मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। अल कादिर ट्रस्ट मामले में चौदह साल, आधिकारिक दस्तावेज लीक मामले में दस साल और तोशाखाना मामले में तीन साल की सजा शामिल है। तोशाखाना मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी भी जेल में सजा काट रही हैं। इसके अलावा पिछले साल सितंबर में इमरान की बहनें अलीमा, उजमा और नूरीन को भी एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था।
सरकार और पीटीआई के बीच बातचीत बेनतीजा
इस मार्च से पहले शुक्रवार और शनिवार को सरकार और पीटीआई के प्रतिनिधियों के बीच दो दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पीटीआई ने मांग रखी थी कि इमरान खान से तुरंत मुलाकात की अनुमति दी जाए और उन्हें ऐसे निजी अस्पताल में शिफ्ट किया जाए जहां उनके निजी डॉक्टर उनका इलाज कर सकें। वहीं, सरकार की ओर से लॉन्ग मार्च और प्रदर्शन पूरी तरह रद्द करने की शर्त रखी गई थी, जिसे पीटीआई ने ठुकरा दिया।
