अमेरिका के आधिकारिक दौरे से लौटे इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के रूप में विकसित करने का विजन सामने रखा है। बोस्टन और कैंब्रिज समेत चार राज्यों के अध्ययन प्रवास के दौरान उन्होंने शिक्षा, प्राइवेट सेक्टर और म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन में AI के व्यावहारिक प्रयोग को करीब से समझा।
महापौर के मुताबिक, आने वाले समय में प्रशासनिक कामकाज और शहरी प्रबंधन में तकनीक की भूमिका केंद्रीय होने वाली है, जिसके लिए इंदौर को अभी से बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा। अमेरिकी कांग्रेस और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के बाद अब वहां की तकनीक को इंदौर की स्थानीय जरूरतों के मुताबिक ढालने की तैयारी है।
डेटा एनालिसिस से लेकर मॉनिटरिंग तक AI का इस्तेमाल
आठ देशों के 12 प्रतिनिधियों के साथ हुए इस अमेरिकी दौरे में शैक्षणिक संस्थानों से लेकर कॉर्पोरेट सेक्टर तक तकनीक के इस्तेमाल का गहराई से जायजा लिया गया। महापौर ने बताया कि अमेरिका में AI का दायरा केवल कंटेंट क्रिएशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग बड़े पैमाने पर डेटा एनालिसिस, रिसर्च और गवर्नेंस में हो रहा है।
स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली में AI किस तरह बदलाव ला रहा है, इसे लेकर उन्होंने कहा- "अमेरिका में म्युनिसिपल स्तर पर ट्रैफिक मॉनिटरिंग, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और डेटा-बेस्ड फैसलों के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इंदौर भी डिजिटल गवर्नेंस में पहले से आगे है और अब अगला कदम पूरी तरह AI-इंटीग्रेटेड गवर्नेंस की तरफ बढ़ाना होगा।"
शिक्षा और ट्रेनिंग पर जोर
शहरी प्रशासन के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी महापौर ने खाका खींचा है। उनका मानना है कि भारत में इस दिशा में काम तेजी से शुरू हो चुका है, लेकिन इंदौर को इस सेक्टर में लीड लेने के लिए अभी से तैयारी करनी होगी।
इस विजन को अमलीजामा पहनाने के लिए म्युनिसिपल अफसरों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को AI की बेसिक ट्रेनिंग देने की योजना पर भी विचार चल रहा है, ताकि तकनीक का इस्तेमाल प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के कार्यों में आसानी से किया जा सके।
तकनीकी सुरक्षा और नियमों पर मंथन
तकनीक के सकारात्मक पहलुओं के बीच महापौर ने इसके संभावित खतरों और चुनौतियों को लेकर भी चिंता जाहिर की है। अमेरिका में भी AI के अनियंत्रित इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त नियम और नीतियां तैयार करने पर चर्चा चल रही है।
इस बारे में पुष्यमित्र भार्गव ने कहा- "AI तब तक एक बेहतरीन साधन है जब तक वह मानवीय नियंत्रण के दायरे में है। अगर यह नियंत्रण कमजोर होता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि इंदौर में AI आधारित व्यवस्थाओं को लागू करते समय सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी के मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।"
