Tuesday, 6 October 2026
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इंदिरा गांधी नहर परियोजना: टेल-एंड के किसानों को मिलेगा पूरा पानी, 790 करोड़ से सुधरेंगे 60 साल पुराने खाले

संक्षेप में

राजस्थान सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के 60 साल पुराने क्षतिग्रस्त खालों के पुनर्निर्माण के लिए 790 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे 1.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का पूरा पानी मिल सकेगा।

मुख्य बातें

  • राजस्थान सरकार ने 790 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
  • कार्य के तहत 7 पैकेज और 7 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
  • इससे 1 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
  • खाले लगभग 60 साल पुराने और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
आपणो राजस्थान
इंदिरा गांधी नहर परियोजना: टेल-एंड के किसानों को मिलेगा पूरा पानी, 790 करोड़ से सुधरेंगे 60 साल पुराने खाले

इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के प्रथम चरण के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में करीब छह दशक पुराने क्षतिग्रस्त खालों के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। राजस्थान सरकार ने इस परियोजना के लिए 790 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है, जिससे टेल-एंड (अंतिम छोर) तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है।

7 पैकेज में बंटा काम, 1.55 लाख हेक्टेयर को फायदा

जल संसाधन विभाग (उत्तर हनुमानगढ़) के मुख्य अभियंता अरुण कुमार सिडाना के मुताबिक, इस पूरे पुनर्निर्माण कार्य को गति देने के लिए 7 अलग-अलग पैकेज बनाए गए हैं। इसके तहत कुल 7 प्रमुख कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

अधिकारियों का अनुमान है कि यह काम पूरा होने के बाद हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर क्षेत्र के 1 लाख 51 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सीधा लाभ मिलेगा। दशकों से पानी की किल्लत झेल रहे अंतिम छोर के किसानों को अब उनके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा।

क्यों पड़ी पुनर्निर्माण की जरूरत?

आईजीएनपी के इन खालों का निर्माण आज से लगभग 60 साल पहले हुआ था। लंबे समय तक उपयोग में रहने और नियमित रखरखाव न होने की वजह से खाले पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।

कई इलाकों में फील्ड लाइनें टूट चुकी हैं तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इस वजह से खेतों तक पानी पहुंचने से पहले ही भारी मात्रा में रिस जाता था और वाटर लॉस काफी बढ़ गया था। जल संसाधन विभाग ने इस समस्या की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसके बाद किसानों की मांग पर यह बड़ा बजट जारी किया गया।

एनडीबी प्रोजेक्ट से पहले भी मिला था संबल

इससे पहले न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की आर्थिक सहायता से चल रही राजस्थान जल क्षेत्र पुनर्संरचना परियोजना के तहत भी क्षेत्र को बड़ी राहत मिल चुकी है।

इस 3291.63 करोड़ रुपये की परियोजना के जरिए हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर में इंदिरा गांधी फीडर और मुख्य नहर की 179.53 किमी तथा वितरण प्रणालियों की 2498.69 किमी लंबाई में रिलाइनिंग का काम जुलाई 2026 में पूरा किया जा चुका है। इससे पानी की रीसाव में कमी आई है और आपूर्ति व्यवस्था सुधरी है।

13 जिलों की जीवनरेखा है IGPN

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम और द्वितीय चरणों से कुल 16.17 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है।

यह नहर केवल खेती का जरिया नहीं है, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, चूरू, जोधपुर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बालोतरा और बाड़मेर की करीब 2 करोड़ आबादी के लिए पेयजल का मुख्य स्रोत है।

इसके अलावा सूरतगढ़, रामगढ़, गिरल, गुढ़ा, बरसिंगसर और राजवेस्ट की थर्मल व गैस आधारित बिजली परियोजनाओं को भी इसी नहर से पानी मिलता है। नए खालों के बनने से इस विशाल जल तंत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के खालों के पुनर्निर्माण के लिए कितना बजट स्वीकृत हुआ है?

राजस्थान सरकार ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण के पुराने खालों के पुनर्निर्माण के लिए 790 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।

इस पुनर्निर्माण कार्य से किन जिलों के किसानों को फायदा होगा?

इस परियोजना से बीकानेर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, विशेषकर अंतिम छोर (टेल-एंड) के खेतों तक पानी पहुंचेगा।

कितने हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बेहतर होगी?

जल संसाधन विभाग के अनुसार, खालों के सुधरने से 1 लाख 51 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इंदिरा गांधी नहर कितने जिलों के लिए पेयजल का स्रोत है?

यह नहर पश्चिमी राजस्थान के 13 जिलों की लगभग 2 करोड़ आबादी के लिए पेयजल की जीवनरेखा है।