जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था और पुलिसर्मी की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। हालिया आपराधिक घटनाओं और पुलिस कार्मिकों के अमर्यादित व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तुरंत कदम उठाए हैं। बैठक के फौरन बाद पुलिस विभाग ने एक थानाधिकारी को निलंबित कर दिया है, जबकि 6 अधिकारियों को एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) और 2 अन्य को उनके पदों से हटा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि राजस्थान की शांतिप्रिय छवि को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अन्य शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध को बढ़ावा देने वाले मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
त्योहारी सीजन और महिला सुरक्षा पर जोर
आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को कानून और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चाकचौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी घटना का संज्ञान तुरंत लिया जाए ताकि बड़ी वारदातों को समय रहते रोका जा सके। महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का संचालन और अधिक प्रभावी बनाने तथा स्कूल-कॉलेजों में इन यूनिट्स का नियमित इंटरएक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ कार्मिकों के अनुचित आचरण से पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है, जबकि पुलिस का असली काम अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है। बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने के निर्देश
भूमि और खनन से जुड़े विवादों को लेकर सीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए जिलेवार सूची तैयार कर प्रभावी कार्ययोजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि माफियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर उन पर पूरी तरह शिकंजा कसा जाए। साथ ही, पुलिस अधिकारियों को अपने प्रभार वाले जिलों में कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
की गई प्रशासनिक कार्रवाई के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तुरंत बाद विभाग ने गाज गिराते हुए कई अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है:
- वेर के थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा शेखावत को पदस्थापन की प्रतीक्षा (APO) में रखा गया है।
- एपीओ किए गए अन्य अधिकारियों में वृत्ताधिकारी भुसावर नीरज भारद्वाज, डीएसपी (ट्रैफिक) अजमेर अंजू यादव, वृत्ताधिकारी सांभर मुकेश जोशी, वृत्ताधिकारी श्रीगंगानगर विष्णु कुमार खत्री और जयपुर आयुक्तालय के पुलिस निरीक्षक मुकेश खराड़िया शामिल हैं।
- इसके अलावा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसआईयूसीएडब्ल्यू) जयपुर ग्रामीण बृजमोहन मीणा और खैरथल की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह को उनके पदों से हटा दिया गया है।
