Monday, 5 October 2026
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डोटासरा के बयान पर घिरे राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष: डूडी से मुलाकात के दावे पर सोशल मीडिया में उठ रहे सवाल

संक्षेप में

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा रामेश्वर डूडी के निधन से 10 दिन पहले मुलाकात और राजनीतिक चर्चा के दावे पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि डूडी पिछले दो वर्षों से कोमा में थे।

मुख्य बातें

  • गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया था कि निधन से 10 दिन पहले उनकी रामेश्वर डूडी से मुलाकात हुई थी।
  • रामेश्वर डूडी का निधन 4 अक्टूबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद हुआ था।
  • अगस्त 2023 में ब्रेन हेमरेज के बाद डूडी लगभग 25 महीने तक कोमा में रहे थे।
  • रामेश्वर डूडी राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीकानेर से सांसद रह चुके थे।
राज्य समाचार
डोटासरा के बयान पर घिरे राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष: डूडी से मुलाकात के दावे पर सोशल मीडिया में उठ रहे सवाल

कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में दिए गए एक बयान को लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोशल मीडिया पर घिर गए हैं। डोटासरा के उस दावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं जिसमें उन्होंने निधन से 10 दिन पहले डूडी से मिलने और राजनीतिक चर्चा होने की बात कही थी।

डोटासरा का दावा और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

डोटासरा ने सभा के दौरान दावा किया था कि रामेश्वर डूडी के निधन से करीब 10 दिन पहले उनकी दिल्ली में मुलाकात हुई थी। उनके मुताबिक, डूडी ने उन्हें इशारों में बताया था कि उन्हें पद से हटाने की चर्चाएं चल रही हैं और उन्हें राहुल गांधी से मिलना चाहिए।

इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का तर्क है कि जब डूडी पिछले दो वर्षों से गंभीर रूप से बीमार थे और बोलने की स्थिति में नहीं थे, तो ऐसी बातचीत कैसे संभव है। यूजर्स इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत बता रहे हैं।

दो साल तक वेंटिलेटर और कोमा में रहे थे डूडी

बीकानेर के दिग्गज कांग्रेसी नेता रामेश्वर डूडी लम्बे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। 27 अगस्त 2023 को जयपुर स्थित आवास पर ब्रेन हेमरेज होने के बाद वे कोमा में चले गए थे।

इसके बाद उन्हें पहले दिल्ली के मेदांता अस्पताल और फिर जयपुर आवास पर बने हाई-टेक आईसीयू वार्ड में रखा गया था। करीब 25 महीने तक वेंटिलेटर और कोमा की स्थिति में रहने के बाद 4 अक्टूबर 2025 को उनका निधन हुआ था।

छात्र राजनीति से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक का सफर

रामेश्वर डूडी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन में एनएसयूआई से शुरू हुआ था। वे 1995 से 1999 तक नोखा पंचायत समिति के प्रधान रहे। इसके बाद 1999 से 2004 तक बीकानेर से लोकसभा सांसद चुने गए और 2005 से 2010 तक बीकानेर जिला प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली।

वर्ष 2013 से 2018 के दौरान वे नोखा से विधायक रहे और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाई। इस दौरान उन्होंने वसुंधरा राजे सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था। अपने अंतिम प्रशासनिक दायित्व के रूप में वे गहलोत सरकार के कार्यकाल (2022-23) में राजस्थान एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष रहे, जिसमें उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गोविंद सिंह डोटासरा ने रामेश्वर डूडी के बारे में क्या दावा किया था?

डोटासरा ने दावा किया था कि रामेश्वर डूडी के निधन से 10 दिन पहले उनकी दिल्ली में मुलाकात हुई थी, जिसमें डूडी ने उन्हें पद से हटाने की चर्चाओं के संकेत दिए थे।

रामेश्वर डूडी का निधन कब और किन परिस्थितियों में हुआ था?

रामेश्वर डूडी का निधन 4 अक्टूबर 2025 को हुआ था। उन्हें 27 अगस्त 2023 को ब्रेन हेमरेज हुआ था जिसके बाद वे करीब 25 महीने तक कोमा में रहे थे।

सोशल मीडिया यूजर्स डोटासरा के बयान पर क्यों सवाल उठा रहे हैं?

यूजर्स का तर्क है कि जब डूडी पिछले दो वर्षों से गंभीर रूप से अस्वस्थ और कोमा में थे, तब इस तरह की राजनीतिक बातचीत होना संभव नहीं है।

रामेश्वर डूडी ने अपने राजनीतिक करियर में कौन-से प्रमुख पद संभाले थे?

डूडी बीकानेर से लोकसभा सांसद, नोखा से विधायक, राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजस्थान एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके थे।