जयपुर के शिवदासपुरा रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार सुबह रेलवे के एक ट्रैकमैन ने ट्रेन के आगे छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चंदलाई निवासी 45 वर्षीय महेश तंवर के रूप में हुई है। घटना से करीब एक घंटा पहले महेश ने अपने परिचितों को एक सुसाइड नोट वॉट्सएप किया था, जिसमें पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर लगातार प्रताड़ना और झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया गया है। सूचना मिलने पर शिवदासपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है।
सुबह चार बजे उठाया खौफनाक कदम
पुलिस के मुताबिक, महेश तंवर रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर कार्यरत था और शिवदासपुरा रेलवे स्टेशन के पास बने रेलवे क्वार्टर में अकेला रहता था। मंगलवार सुबह करीब 4 बजे वह रेलवे क्वार्टर से करीब 200 मीटर दूर ट्रैक पर पहुंचा और वहां से गुजर रही ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। सुबह करीब 5 बजे राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उसका लहूलुहान शव ट्रैक के पास देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
मौत से ठीक पहले महेश ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखकर सुबह करीब 4:30 बजे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को वॉट्सएप किया था। नोट में उसने लिखा कि पिछले पांच साल से उसकी पत्नी के साथ कोर्ट में केस चल रहा है और वह लगातार मेंटेनेंस भी दे रहा है, लेकिन पत्नी उसके और माता-पिता के साथ रहने को तैयार नहीं है।
सुसाइड नोट में पत्नी के अलावा उसकी बहनों, मां, जीजा नंदकिशोर और अभिषेक तंवर समेत अन्य लोगों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। महेश ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में उसकी सुनवाई नहीं होती थी और एक पुलिसकर्मी द्वारा उसे लगातार परेशान किया जा रहा था।
भतीजों से अंतिम संस्कार की इच्छा
महेश ने अपने नोट में लिखा कि उसके माता-पिता ने जीवन में बहुत दुख देखे हैं, इसलिए उनके मरने के बाद उन्हें परेशान न किया जाए। उसने यह भी इच्छा जताई कि उसका अंतिम संस्कार उसके भतीजे विशाल और सपना के हाथों ही कराया जाए, क्योंकि उसके अपने बच्चों ने उसे जीते-जी बहुत दर्द दिया है। इसके अलावा, रेलवे से मिलने वाली किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता या क्लेम सीधे उसके माता-पिता को दिए जाने की बात कही है, क्योंकि छोटे भाई की सड़क हादसे में मौत के बाद बूढ़े माता-पिता का वही एकमात्र सहारा था। पुलिस ने सुसाइड नोट को अपने कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
