दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के एक एसीपी पर गंभीर बदसलूकी का आरोप लगाया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी है। अब क्राइम ब्रांच की टीम पीड़ति महिलाओं के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
हिरासत के दौरान बदसलूकी का आरोप
शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। एक महिला पत्रकार का आरोप है कि जब पुलिस एिसा (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में ले रही थी, तब वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
महिला पत्रकार का दावा है कि कार्रवाई के दौरान एसीपी विवेक भगत ने उनके सीने पर हाथ मारा और धक्का देकर मौके से चले गए। इस घटना के बाद से पत्रकारों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है।
थाने के बाहर धरना और राहुल गांधी का सवाल
घटना के बाद रात करीब 11 बजे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर महिला पत्रकार का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में पीड़िता ने आरोप लगाया कि करीब साढ़े तीन घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की है।
एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर सैकड़ों पत्रकार पार्लियामेंट्री स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को टैग करते हुए तीखा सवाल उठाया।
राहुल गांधी ने लिखा- "पूरी दिल्ली की महिलाएं और छात्राएं अपनी सुरक्षा को लेकर घबराहट में हैं और सत्याग्रह कर रही हैं। दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए अमित शाह को देश को जवाब देना चाहिए।"
सीसीटीवी जांच का हवाला देकर एफआईआर से इनकार
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न के इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया और तथ्यों की पुष्टि के लिए पहले घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी।
सीजेपी ने पुलिस की इस दलील पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या पुलिस गंभीर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने के बजाय आरोपी एसीपी को बचाने की कोशिश कर रही है। इसके विरोध में संगठन ने रविवार सुबह 11 बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर भारी संख्या में जुटने की अपील की है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और 200 लोग हिरासत में
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को लगातार दूसरे दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में एिसा समेत विभिन्न छात्र संगठनों और सिविल सोसाइटी के सदस्य शामिल थे।
पटेल चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री बलों ने भारी बैरिकेडिंग की थी और अतिरिक्त जवानों को तैनात किया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके से करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
