जोधपुर नगर निगम के मेयर पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा ने प्रसन्न चंद मेहता को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी पर दांव खेला है। दोनों दलों के प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने के साथ ही मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। 100 वार्डों वाले इस निकाय में बहुमत का जादुई आंकड़ा 51 पार्षदों का है, जो किसी भी दल के पास स्पष्ट रूप से नहीं है।
भाजपा के प्रसन्न चंद मेहता ने दाखिल किया पर्चा
प्रसन्न चंद मेहता ने शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे नगर निगम पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी और पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। मेहता आरएसएस की पृष्ठभूमि से आते हैं और भाजपा में जिलाध्यक्ष व प्रदेश उपाध्यक्ष समेत कई संगठनात्मक पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। राजनीतिक हलकों में उन्हें असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया का करीबी माना जाता है। मेहता ने वार्ड 82 से नगर निगम चुनाव जीता था, जिसमें उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अरविंद परिहार को हराया था।
कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को बनाया प्रत्याशी
दूसरी ओर, कांग्रेस ने राजेंद्र सोलंकी को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया है। सोलंकी को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। खास बात यह है कि उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव में पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा था। पार्टी की ओर से कई दावेदारों के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंततः आम सहमति के बाद सोलंकी के नाम पर मुहर लगी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस नेता लियाकत अली रंगरेज की भी पार्टी में वापसी हुई, जो जोधपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमकार वर्मा और पूर्व विधायक मनीषा पंवार की मौजूदगी में दोबारा पार्टी में शामिल हुए।
51 पार्षदों का है बहुमत, निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं। वार्ड 50 में दोबारा हुए मतदान के बाद भाजपा के पास 45 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 44 पार्षदों का समर्थन है। बोर्ड गठन और मेयर की कुर्सी के लिए 51 पार्षदों के बहुमत की आवश्यकता है। बाकी 11 सीटें निर्दलीय और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के पास हैं। सदन में दोनों मुख्य दलों के बीच बहुत कम अंतर होने की वजह से अब इन निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो गई है। दोनों ही दल अपने पाले में समर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
