जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोडाला से गुर्जर की थाड़ी के बीच प्रस्तावित 30 मीटर चौड़े सड़क कॉरिडोर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश अनुपालन हलफनामे में JDA ने बताया कि 2.4 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के 700 मीटर हिस्से को अब तक पूरी तरह साफ किया जा चुका है।

कार्यवाही के दौरान स्थानीय निवासियों के विरोध, डिमार्केशन में आई अड़चनों और जयपुर नगर निगम (JMC) के साथ अधिकार क्षेत्र से जुड़े मामलों का हवाला देते हुए JDA ने कोर्ट से अभियान पूरा करने के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। इस मामले पर हाईकोर्ट आने वाले दिनों में फिर सुनवाई करेगा।

210 नोटिस और बहु-विभागीय अभियान

JDA सचिव गौरव सैनी की ओर से यह हलफनामा सुरेश चंद रावत और अन्य की याचिका पर दायर किया गया है। कोर्ट के पिछले निर्देशों के बाद जेडीए ने यह सर्वे कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की है। यह जनहित याचिका सोडाला , विश्वा नगर और गुर्जर की थड़ी इलाके की सड़कों पर अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित 100 फीट न्यू सांगानेर रोड के रास्ते में आ रही बाधाओं को हटाने के लिए दायर की गई थी।

JDA की ओर से पेश वकील अमित कुड़ी ने बताया कि इस अभियान के लिए एन्फोर्समेंट, इंजीनियरिंग, टाउन प्लानिंग और रेवेन्यू विंग की संयुक्त टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने पूरे कॉरिडोर पर सर्वे कर 28 सितंबर को कुल 210 नोटिस जारी किए थे। इसके बाद सोमवार तड़के से ही बुलडोजर चलाकर दोनों तरफ के 700 मीटर हिस्से से अवैध निर्माण और अन्य बाधाएं हटा दी गईं।

124 आपत्तियों और JMC के अधिकार क्षेत्र का पेच

JDA ने कोर्ट को बताया है कि उसे स्थानीय लोगों से कुल 124 आपत्तियां मिली हैं, जो नगर निगम के दायरे में आती हैं। वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए बिना और जेएमसी के साथ समन्वय के बिना इन हिस्सों में कार्रवाई करना संभव नहीं है। यही वजह है कि काम पूरा करने के लिए चार हफ्ते का वक्त और मांगा गया है।

दूसरी ओर, इस अतिक्रमण अभियान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मोहन लाल ने अपनी याचिका वापस ले ली है। उनके वकील सुमित टेरवाल ने कोर्ट को बताया कि वे अब इस याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने उन्हें वापस हाईकोर्ट जाने के निर्देश दिए हैं।