Friday, 9 October 2026
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खाद की मांग पर नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी: जयपुर कूच स्थगित, डॉक्टरों की टीम ने की स्वास्थ्य जांच

संक्षेप में

खाद की निर्धारित दरों और अटैचमेंट के विरोध में किसान नेता नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी है। प्रशासन से चार घंटे की वार्ता के बाद जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया है, लेकिन स्थायी समाधान मिलने तक अनशन जारी रखने की घोषणा की गई है।

मुख्य बातें

  • खाद की मांग को लेकर नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी
  • शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर प्रशासन के साथ करीब 4 घंटे चली बातचीत
  • आंदोलन के चलते 5 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी
  • बारां के नयागांव ननावत स्थित घर पर डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य की जांच की
राज्य समाचार
खाद की मांग पर नरेश मीणा का आमरण अनशन सातवें दिन भी जारी: जयपुर कूच स्थगित, डॉक्टरों की टीम ने की स्वास्थ्य जांच

खाद की किल्लत और अटैचमेंट के विरोध में किसान नेता नरेश मीणा का आमरण अनशन गुरुवार को सातवें दिन भी जारी रहा। प्रशासन के साथ चार घंटे चली लंबी मैराथन बैठक के बाद उन्होंने जयपुर कूच का फैसला फिलहाल टाल दिया है, लेकिन अनशन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। बारां जिले के नयागांव ननावत स्थित उनके आवास पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया है।

चार घंटे चली मैराथन वार्ता और जयपुर कूच स्थगित

बुधवार को किसानों के एक बड़े जत्थे के साथ नरेश मीणा ने राजधानी जयपुर की ओर पैदल कूच शुरू किया था। इस आंदोलन के चलते शिवदासपुरा टोल प्लाजा के पास हाइवे पर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने टोल प्लाजा पर ही मीणा के साथ वार्ता का दौर शुरू किया।

करीब चार घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने खाद की सुचारू उपलब्धता और किसानों की अन्य मांगों का स्थायी समाधान निकालने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान नेता ने जयपुर कूच को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा कर दी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक आश्वासनों के आधार पर आमरण अनशन वापस नहीं लिया जाएगा।

बिना अटैचमेंट खाद देने की मुख्य मांग

भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा की मुख्य मांग है कि राज्य के किसानों को तय सरकारी दरों पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही खाद के साथ अन्य अनावश्यक उत्पादों को खरीदने की अनिवार्यता यानी अटैचमेंट को पूरी तरह से बंद किया जाए।

प्रशासनिक स्तर पर मिले भरोसे के बाद भी मीणा अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि जब तक मैदानी स्तर पर किसानों की इस समस्या का ठोस समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और आमरण अनशन लगातार जारी रहेगा।

सातवें दिन डॉक्टरों ने की सेहत की जांच

लगातार सात दिनों से अन्न जल त्यागे जाने के कारण किसान नेता के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। इसे देखते हुए गुरुवार को चिकित्सा विभाग की एक टीम नयागांव ननावत स्थित उनके घर पहुंची और स्वास्थ्य की गहन जांच की। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखे हुए है।

यह पूरा आंदोलन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर बारां कलेक्ट्रेट से शुरू हुआ था। इसके अगले दिन यानी 3 अक्टूबर से पैदल मार्च निकालकर जयपुर कूच का ऐलान किया गया था। अब जबकि कूच को स्थगित कर दिया गया है, प्रशासनिक हलकों में इस बात पर नजर टिकी है कि सरकार और प्रशासन किसानों को खाद वितरण व्यवस्था में कब तक राहत दिला पाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नरेश मीणा का आमरण अनशन क्यों चल रहा है?

किसान नेता नरेश मीणा किसानों को तय दरों पर खाद उपलब्ध कराने और खाद के साथ दूसरे उत्पादों के अटैचमेंट की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर हैं।

क्या जयपुर कूच को रद्द कर दिया गया है?

जयपुर कूच को रद्द नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद फिलहाल स्थगित किया गया है, लेकिन नरेश मीणा का आमरण अनशन जारी है।

प्रशासन के साथ बैठक कहाँ और कितने समय चली?

प्रशासन और उच्च अधिकारियों के साथ यह बैठक शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर करीब चार घंटे तक चली थी।

नरेश मीणा का अनशन कब और कहाँ शुरू हुआ था?

यह आंदोलन 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर बारां कलेक्ट्रेट से शुरू हुआ था और फिलहाल वे बारां जिले के नयागांव ननावत स्थित अपने घर पर अनशन कर रहे हैं।