खंडवा के भावनी माता मंदिर के सामने मंगलवार को राजनीतिक गहमागहमी उस वक्त बढ़ गई जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के गुजरने के दौरान एक पीड़ित परिवार ने विधायक कंचन तनवे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मृतक किशन गुप्ता के परिजनों ने सड़क पर खड़े होकर 'कंचन तनवे हाय-हाय' के नारे लगाए और स्थानीय विधायक पर हत्या के आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया।
यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल दादजी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। उनके काफिले में विधायक कंचन तनवे, महापौर अमृता यादव और जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर भी शामिल थे। काफिला जैसे ही भावनी माता मंदिर के सामने पहुंचा, किशन गुप्ता के परिजन सड़क पर उतर आए और कंचन तनवे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया।
हत्या के मामले में पार्षद की गिरफ्तारी
यह विरोध प्रदर्शन 28 सितंबर को खंडवा बस स्टैंड पर विजय यादव गुट और किशन गुप्ता के बीच हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा है। इस सनसनीखेज झड़ਪ में किशन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी पार्षद विजय यादव को नागचून क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
परिजनों का आरोप और सियासी कनेक्शन
मृतक किशन गुप्ता के परिजनों का सीधा आरोप है कि विधायक कंचन तनवे आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही हैं। परिजनों का कहना है कि विधायक टिन्ना यादव को अपना भाई मानती हैं, जिसकी वजह से विजय यादव और उसके गुट के खिलाफ सख्त कार्रवाई में रोड़े अटकाए जा रहे हैं। इसी राजनीतिक संरक्षण के विरोध में परिजनों ने प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपनी नाराजगी जताई।
इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभाला और काफिले को आगे निकाला। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं और फरार चल रहे संदिग्धों की तलाश के लिए जांच लगातार जारी है।
