खंडवा जिले के ग्राम पंचायत नाहल्दा में भ्रष्टाचार के खिलाफ इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मेडिकल चौराहे के पास एक चाय की दुकान के सामने ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल को ₹25 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। आरोपी सचिव ने एक निजी स्कूल का दो साल का प्रॉपर्टी टैक्स कम करने के एवज में कुल ₹50 हजार की मांग की थी, जिसकी पहली किस्त लेते हुए उसे पकड़ा गया।
लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, नाहल्दा निवासी लक्ष्मण सिंह चौहान ने 5 अक्टूबर को इंदौर लोकायुक्त एसपी कार्यालय में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता खंडवा में एक निजी स्कूल का संचालन करते हैं, जो ग्राम पंचायत नाहल्दा के अधिकार क्षेत्र में आता है।
दो साल के टैक्स के नाम पर मांगी थी रकम
शिकायतकर्ता के अनुसार, पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने उनके स्कूल का दो साल का प्रॉपर्टी टैक्स करीब ₹2 लाख 20 हजार तय किया था। इस राशि को कम कराने के लिए जब स्कूल संचालक ने संपर्क किया, तो सचिव ने ₹50 हजार रिश्वत की मांग रखी।
मांग से परेशान होकर स्कूल संचालक ने इंदौर लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद एसपी राजेश सहाय के निर्देश पर लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद 9 अक्टूबर को आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप की योजना बनाई गई।
मेडिकल चौराहे के पास चाय की दुकान पर बिछाया जाल
तय योजना के तहत इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को खंडवा के मेडिकल चौराहे के पास स्थित एक चाय की दुकान के सामने घेराबंदी की। जैसे ही पंचायत सचिव कृष्ण देव पटेल ने शिकायतकर्ता से पहली किस्त के रूप में ₹25 हजार लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत की रकम जब्त कर ली है और आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली लोकायुक्त टीम में निरीक्षक प्रतिभा तोमर के साथ आरक्षक आदित्य सिंह, रामेश्वर निगवाल, आशीष नायडू, कमलेश परिहार, सतीश यादव और श्रीकृष्ण अहिरवार शामिल रहे।
