कोटा जिले के सांगोद उपखंड इलाके में सोमवार सुबह एक निजी स्कूल वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक्त वाहन में 18 से अधिक बच्चे सवार थे, जिनमें से 6 बच्चों को चोटें आई हैं। वैन पलटने के बाद अंदर फंसे बच्चों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकाला गया।
सांगोद थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वैन का नियमित चालक ड्यूटी पर नहीं आया था और उसने बिना सूचना के अपनी जगह दूसरे ड्राइवर को गाड़ी सौंप दी थी, जो नशे की हालत में था।
कांच तोड़कर बच्चों को निकाला बाहर
मंडाप गांव के रहने वाले हेमंत नागर के बच्चे और उनके साथी रोज की तरह निजी स्कूल की वैन से कुंदनपुर पढ़ने जा रहे थे। सुबह करीब 8 बजे वैन जैसे ही सांगोद इलाके में पहुंची, नशे में धुत ड्राइवर ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह सड़क किनारे पलट गई।
हादसा होते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। वैन के दरवाजे जाम होने की वजह से स्थानीय लोगों ने कांच तोड़े और अंदर फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायल बच्चों को तुरंत सांगोद अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। परिजनों के मुताबिक, एक बच्चे को ज्यादा चोट आई है, जबकि अन्य को मामूली खरोंचें और सिर-मुंह पर चोटें लगी हैं।
स्कूल संचालक ने मानी लापरवाही
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने कुंदनपुर स्थित स्कूल के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठाए। सांगोद थाने के एसएचओ पवन मीणा ने बताया कि आरोपी ड्राइवर को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
स्कूल संचालक हेमेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि मंडाप गांव के बच्चों को लाने वाली वैन में गंभीर लापरवाही बरती गई। उनके मुताबिक, स्कूल के मुख्य ड्राइवर बिट्टू सिंह ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी जगह देवेंद्र नाम के दूसरे व्यक्ति को गाड़ी चलाने भेज दिया था। संचालक ने इस मामले में आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
