अमरीकी गायिका मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके नेता अभिजीत दीपके पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मिलबेन का दावा है कि संगठन को अमरीका में रहने वाले ऐसे लोगों से फंडिंग मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के नेतृत्व के खिलाफ सक्रिय हैं।
14 अक्टूबर को जारी अपने बयान में 41 वर्षीय मिलबेन ने देश के युवाओं से आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अब चुप नहीं रहना चाहिए और CJP के कामकाज के तौर-तरीकों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह की विदेशी फंडिंग और गतिविधियां देश के हित में नहीं हैं।
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
गायिका का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों और CJP से जुड़े कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का सत्यापन किया जाता है, जिससे सूचियों से नाम जुड़वाने, हटवाने या अन्य त्रुटियों को दुरुस्त किया जा सके। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही मतभेद बने हुए हैं, और विपक्षी दल इसके तौर-तरीकों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
अभिजीत दीपके और CJP की भूमिका पर सवाल
मैरी मिलबेन के बयानों में विशेष रूप से CJP नेता अभिजीत दीपके का नाम लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीका में बैठे भारत विरोधी तत्व इस संगठन के जरिए देश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच, दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शन और अमरीकी गायिका के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का दबाव बना हुआ है, वहीं विदेशी फंडिंग के इन दावों ने CJP और अभिजीत दीपके के रुख को केंद्र में ला दिया है।
