मुरैना के कैलारस नगर परिषद में 1.41 करोड़ रुपये के कथित फर्जी भुगतान मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच तेज कर दी है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ग्वालियर EOW की छह सदस्यीय टीम ने कैलारस नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों का सत्यापन किया और LED लाइटों की भौतिक जांच की।
क्या है पूरा मामला
वर्ष 2020 से 2022 के बीच कैलारस नगर परिषद में समान सामग्री की खरीदी के नाम पर अलग-अलग फर्मों को 1.41 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया था। इस कथित घोटाले में तत्कालीन स्टोर कीपर शिवकुमार शर्मा, तत्कालीन CMO संतोष शर्मा, अमजद गनी, संतोष रिहारे, रामबरन राजोरिया, अतर सिंह रावत, अकाउंटेंट देव प्रकाश शर्मा और लक्ष्मण सिंह नामदेव के खिलाफ EOW में मामला दर्ज है।
हाईकोर्ट के निर्देश पर एक्शन
पार्षद एवं याचिकाकर्ता रमेश उपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 5 मई को EOW को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के अनुपालन में EOW की टीम कैलारस पहुंची। जांच टीम ने सबसे पहले नगर में लगाई गई LED लाइटों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर स्टॉक रजिस्टर, खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड और भुगतान की फाइलों को बारीकी से खंगाला। जांच के बाद टीम भुगतान से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गई है, जिनका मिलान किया जा रहा है।
EOW की आगे की कार्रवाई
मामले के जांच अधिकारी मदन मोहन मालवीय ने बताया कि कैलारस नगर परिषद के पुराने वित्तीय मामलों की जांच के लिए टीम ने यह कार्रवाई की है। फिलहाल जब्त किए गए दस्तावेजों की तकनीकी और वित्तीय स्तर पर जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
