छिंदवाड़ा के नागपुर नाका क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से चली आ रही परंपरा इस बार भी जीवंत हो उठी है। शारदीय नवरात्रि के मौके पर नागपुर नाका स्थित पंडाल में स्थापित माता रानी की प्रतिमा के साथ इस वर्ष अमृतसर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर की प्रतिकृति तैयार की गई है, जो यहां आने वाले भक्तों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
हर साल उत्सव समिति की ओर से कुछ अलग और नया स्वरूप पेश किया जाता है। इसी कड़ी में इस बार स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर भव्य झांकी का निर्माण किया गया है, जिसके जरिए श्रद्धालुओं को एक अलग ही धार्मिक अनुभव मिल रहा है।
शीघ्र दर्शन और लकी ड्रॉ की व्यवस्था
बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समिति ने 'शीघ्र दर्शन' पास की व्यवस्था की है। इसके जरिए भक्त कम समय में कतार से बचकर माता के दर्शन कर पा रहे हैं। दर्शनार्थियों को इस पास के साथ लकी ड्रॉ का कूपन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें धार्मिक अनुष्ठान के साथ उपहार जीतने का अवसर भी मिल रहा है।
आयोजन समिति पिछले पांच वर्षों से लगातार लकी ड्रॉ की परंपरा निभा रही है। इस बार कुल 56 इनाम रखे गए हैं। इनमें मुख्य आकर्षण पहली बार में ही एक मोटरसाइकिल है, जबकि अन्य पुरस्कारों में एलईडी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरण शामिल हैं।
बच्चों के हाथों से निकलते हैं कूपन
लकी ड्रॉ की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाती है। इसके तहत बेचे गए सभी कूपनों को एक बड़ी पेटी में जमा किया जाता है। आयोजन के दौरान छोटे बच्चों को मंच पर बुलाकर बारी-बारी से कूपन निकलवाए जाते हैं, जिससे विजेताओं के नाम तय होते हैं।
आयोजनकर्ता नितिन भूतेकर ने बताया कि परंपरा के मुताबिक लकी ड्रॉ की यह पेटी पूर्णिमा के अवसर पर खोली जाती है, जिसके बाद विजेताओं को उनके उपहार सौंपे जाते हैं। नागपुर नाका में स्थापित यह प्रतिमा और अनूठी झांकी देखने के लिए आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
