दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। 75 वर्षीय अभिनेता के असामयिक निधन से फिल्म जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत कई दिग्गज नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है। नेताओं ने उनके अभिनय, दमदार संवाद अदायगी और सामाजिक कार्यों को याद करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया है।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- हर किरदार में दिखाई विविधता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनमें गजब की तीव्रता, अनोखापन और मजबूत उपस्थिति थी, जो बहुत कम कलाकारों में दिखती है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने हर किरदार में विविधता और रचनात्मकता दिखाई, जिससे ऐसे यादगार पात्र बने जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। इसके साथ ही उन्होंने नाना पाटेकर के बेबाक और स्पष्ट स्वभाव को भी याद किया, जिसके लिए वे हमेशा जाने जाते थे।
'अंकुश' से लेकर 'क्रांतिवीर' तक: गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे। राजनाथ सिंह ने 'अंकुश', 'प्रहार' और 'क्रांतिवीर' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। उनका यह योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
'नाम फाउंडेशन' और किसानों के लिए उनका समर्पण
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वे पर्दे पर जितने बड़े कलाकार थे, असल जिंदगी में उतने ही बड़े इंसान थे। 'क्रांतिवीर' से लेकर 'नटसम्राट' तक उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को स्वर्णिम दौर दिया। अभिनय के अलावा उन्होंने जमीनी स्तर पर सूखा पीड़ितों और किसानों की सेवा की। महाराष्ट्र में 'जलयुक्त शिवार अभियान' के दौरान उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर 'नाम फाउंडेशन' की स्थापना की थी और खुद खेतों में जाकर काम किया था।
परदे पर सच को जीने वाले कलाकार: शुभेंदु अधिकारी और नवीन पटनायक
पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों में उनकी बेजोड़ अदाकारी ने किरदारों में जान फूंक दी थी। परदे से अलग ग्रामीण भारत के प्रति उनका समर्पण उनकी महानता को दर्शाता है। वहीं, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनकी बुलंद आवाज और कठिन किरदारों को जीवंत करने का अंदाज हमेशा उन्हें सिनेमा जगत में खास बनाए रखेगा।
