बालाघाट के जयस्तंभ चौक स्थित गैरेज लाइन के मिस्त्रियों और ठेला संचालकों को नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने उन्हें व्यवस्थित रूप से इसी स्थान पर बसाया था, लेकिन अब उन्हीं लोगों को अतिक्रमणकारी बताते हुए नोटिस थमा दिए गए हैं। मामले को लेकर विधायक ने नाराजगी जताई है और अधिकारियों को गरीब एवं मेहनतकश लोगों को परेशान नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इधर, नपा वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए उक्त भूमि का खाली करवाना चाहता है। जिसके लिए सभी को नोटिस जारी हुआ है। जयस्तंभ चौक के पास गैरेज लाइन में वर्षों से काम कर रहे मिस्त्रियों और ठेला संचालकों को नगरपालिका परिषद ने शासकीय भूमि खाली करने के नोटिस जारी किए हैं। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में प्रभावित लोग विधायक से मिलने पहुंचे। लोगों ने बताया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन कलेक्टर और जिला प्रशासन ने शहर में यातायात व्यवस्था और व्यवस्थित पुनर्वास के उद्देश्य से उन्हें इस स्थान पर बसाया था। अब अचानक उन्हीं लोगों को अतिक्रमणकारी बताकर हटाने की कार्रवाई किए जाने से उनके सामने रोजगार और आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।मामले की जानकारी मिलने पर विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन पहले लोगों को बसाए और फिर वर्षों बाद उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर नोटिस दे, यह उचित नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब, मेहनतकश और छोटे व्यवसाय करने वाले लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। विधायक ने स्पष्ट कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना किसी की रोजी-रोटी नहीं छीनी जानी चाहिए।
