नीमच शहर के जीवाजी राव छात्रावास परिसर और उससे जुड़ी करीब चार लाख वर्ग फीट जमीन को अपने कब्जे में लेने के लिए जिला प्रशासन और नगर पालिका ने शनिवार को भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मोर्चा संभाल लिया। नगर पालिका का अमला जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा, जिसके बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। मौके पर मौजूद 40 बच्चों को शहर के अन्य शासकीय छात्रावासों में शिफ्ट किया जा रहा है, क्योंकि वे यहां बदतर हालात में रह रहे थे। संभावित विरोध को देखते हुए पुलिस छावनी जैसे हालात नजर आए।
1955 से चल रहा है भूमि का विवाद
जीवाजी राव छात्रावास की भूमि को लेकर कालिदास शिक्षण समिति और नगर पालिका के बीच लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चल रही है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 1955 में छात्रावास के निर्माण के लिए नगर पालिका ने समिति को यह जमीन दी थी।
हालांकि, जमीन के पंजीकृत हस्तांतरण यानी रजिस्टर्ड लीज डीड को लेकर दस्तावेज स्पष्ट नहीं होने के कारण यह विवाद दशकों से उलझा हुआ था। पिछले कई सालों से दोनों पक्षों के बीच दावे-आपत्तियों का दौर चल रहा था, जिसके बाद अब प्रशासन ने जमीन पर कार्रवाई शुरू की है।
एसडीएम और सीएमओ ने दी जानकारी
कार्रवाई के दौरान नीमच के एसडीएम पराग जैन और नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया समेत तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
एसडीएम पराग जैन ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नगर पालिका इस चार लाख स्क्वायर फीट जमीन को अपने आधिपत्य में ले रही है। विधि व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, कार्रवाई के दौरान छात्रावास समिति के अध्यक्ष रमेश जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ चर्चा की।
