संक्षेप में
निवाड़ी नगर परिषद में बदहाल सफाई व्यवस्था और कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ पांच पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों ने कचरा वाहनों के संचालन में अनियमितता का आरोप लगाने के साथ ही कैशबुक, भुगतान फाइलों और निर्माण कार्यों की भौतिक जांच की मांग की है।
निवाड़ी नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था और कथित वित्तीय घपलों का आरोप लगाते हुए पांच पार्षदों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। जनसुनवाई में पहुंचे पार्षदों ने परिषद के कामकाज की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पार्षदों का आरोप है कि शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले वाहन नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे हैं, और नालियों में लगातार गंदगी जमा है। इसके बावजूद वाहनों के नाम पर डीजल का भारी खर्च दिखाया जा रहा है।
वित्तीय अभिलेख और भुगतानों पर सवाल
सफाई व्यवस्था के अलावा वित्तीय अनियमितताओं को भी गंभीर मुद्दा बनाया गया है। पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद की कैशबुक, भुगतान से जुड़ी फाइलें और अन्य जरूरी वित्तीय दस्तावेज मांगने पर भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान हुए भुगतानों, सामग्री खरीदी और निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पार्षदों ने बैंक स्टेटमेंट के साथ कैशबुक का मिलान करने और शहर में हुए निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग उठाई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
निवाड़ी नगर परिषद के खिलाफ पार्षदों ने कलेक्टर को क्या ज्ञापन दिया?
निवाड़ी नगर परिषद के पांच पार्षदों ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
पार्षदों ने सफाई व्यवस्था को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि डोर-टू-डोर कचरा वाहन नियमित रूप से नहीं पहुंच रहे हैं और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जबकि कागजों में डीजल का भारी खर्च दिखाया जा रहा है।
वित्तीय मामलों में पार्षदों ने कौन सी मुख्य मांगें रखी हैं?
पार्षदों ने कैशबुक, भुगतान फाइलों और वित्तीय अभिलेखों के न मिलने का आरोप लगाते हुए जुलाई-अगस्त 2026 के भुगतानों की जांच, बैंक स्टेटमेंट से मिलान और निर्माण कार्यों के भौतिक सत्यापन की मांग की है।