प्रदेश में पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट के बीच ग्रामीण अंचलों में सरगर्मी तेज होने लगी है। संभावित प्रत्याशियों ने पोस्टर-बैनर के जरिए अपनी दावेदारी के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत नोसरिया से धन्नाराम सारस्वत ने चुनावी मैदान में उतरने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करते हुए गांव के बुनियादी विकास और जनसुविधाओं को चुनावी एजेंडे के केंद्र में रखा है।
धन्नाराम सारस्वत ने अपनी उम्मीदवारी के ऐलान के साथ ही गांव के सामने मौजूद प्राथमिक मुद्दों को उठाया है। उनके एजेंडे में हर घर तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना, बदहाल सड़कों का कायाकल्प करना और आंतरिक संपर्क मार्गों को आपस में जोड़ना सबसे ऊपर है। ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत स्तर पर मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना स्थानीय स्तर पर जीवनस्तर को सुधारने की दिशा में अहम कदम है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के मुद्दे
बुनियादी ढांचे के अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय स्तर पर बच्चों के लिए शैक्षणिक माहौल को उन्नत करने और युवाओं को रचनात्मक दिशा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाने, स्वच्छता अभियानों को गति देने और पौधारोपण के जरिए हरियाली बढ़ाने जैसे विषयों पर काम करने की बात कही गई है।
किसान और महिला कल्याण पर फोकस
सारस्वत के चुनाव प्रचार में किसानों की समस्याओं के समाधान, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण राजनीति के जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव में स्थानीय स्तर पर जनहित से जुड़े इन मुद्दों का असर सीधा मतदाताओं पर पड़ता है। अपने सहज स्वभाव और जनसंपर्क के बलबूते वे लगातार घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर रहे हैं।
अब नोसरिया पंचायत के मतदाता आगामी चुनाव में इन तमाम विकास कार्यों और मुद्दों को परखकर अपना नेतृत्व चुनेंगे। धन्नाराम सारस्वत की उम्मीदवारी के सामने आने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और ग्रामीण विकास की यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है।
