राजस्थान के पंचायती राज चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से सीधा राजनीतिक समर्थन मांगा है। वीडियो संदेश के जरिए की गई इस अपील में उन्होंने बारां, बूंदी और देवली-उनियारा क्षेत्रों में अपने समर्थकों और उम्मीदवारों को 'झाड़ू' चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारने की मांग रखी है।
तीन सीटों पर सिंबल की मांग और समीकरण
नरेश मीणा ने अपने वीडियो संदेश में दावा किया है कि इन तीनों इलाकों की जनता कांग्रेस और बीजेपी के विकल्प के तौर पर देख रही है। उन्होंने कहा कि उनके प्रत्याशी आम आदमी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और पार्टी यदि सिंबल देती है, तो कार्यकर्ता जमीन पर पूरी ताकत झोंक देंगे।
इस सियासी कदम के पीछे हालिया निकाय चुनाव के नतीजे बड़ा आधार बने हैं। बारां नगर परिषद चुनाव में आप ने 60 में से 31 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जहां शीतल राठौड़ सभापति बनीं। इस जीत के बाद से पार्टी का स्थानीय स्तर पर आत्मविश्वास बढ़ा है, जिसका फायदा नरेश मीणा इन पंचायती राज चुनावों में उठाना चाहते हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी या अरविंद केजरीवाल की ओर से इस अपील पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या फैसला सामने नहीं आया है।
कांग्रेस और बीजेपी पर हमला
बयान के दौरान नरेश मीणा ने दोनों प्रमुख दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बारां की जनता अब कांग्रेस और बीजेपी से मुक्ति चाहती है और बदलाव का मूड बना चुकी है। इस दौरान उन्होंने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर भी सीधा प्रहार किया। राज्य में अमूमन कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही सीधा मुकाबला होता रहा है, लेकिन इस तरह के गठजोड़ की कोशिशें तीसरे मोर्चे की जमीन तैयार कर सकती हैं।
केजरीवाल के फैसले पर टिकी निगाहें
नरेश मीणा की इस मांग ने 'आप' के केंद्रीय नेतृत्व के सामने एक नया राजनीतिक विकल्प लाकर खड़ा कर दिया है। यदि पार्टी इस अपील को हरी झंडी दिखाती है, तो देवली-उनियारा और हाड़ौती क्षेत्र के चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल स्थानीय स्तर पर तमाम नेता और कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल के अगले रुख का इंतजार कर रहे हैं।
