मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को हुए NSUI के प्रदर्शन के दौरान घायल हुए कार्यकर्ताओं से मिलने बुधवार को राष्ट्रीय संगठन के नेता पहुंचे। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने लेडी हार्डिंग अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रनेताओं के बीच झड़प और हाथापाई के वीडियो सामने आए थे। NSUI का आरोप है कि पुलिस की तरफ से बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई छात्र चोटिल हुए।
पैरों में चोट और पेट पर लातें मारने का आरोप
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद विनोद जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जाना समझ आता है, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को निशाना बनाकर पीटा गया।
जाखड़ ने आरोप लगाया- "कार्यकर्ताओं के पैरों में गंभीर चोटें हैं। उनके पेट में लातें मारी गईं और कानों के आसपास भी वार किए गए।" उनके मुताबिक, घायल कार्यकर्ताओं की हालत बेहद खराब है, हालांकि उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
राहुल गांधी से मिलेंगे प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
NSUI अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन इस मामले को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। घायल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेगा।
संगठन की मांग है कि मंगलवार की हिंसा और मारपीट के लिए जिम्मेदार संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए। जाखड़ ने दो टूक कहा कि जब तक यह कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
CEC के इस्तीफे की मांग और गृह मंत्री पर निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए NSUI अध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब एक खास विचारधारा के तहत काम कर रही है और उसे इस बात की कोई परवाह नहीं है कि सामने अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्र खड़े हैं।
