Saturday, 17 October 2026
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ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की विकास योजनाओं के खिलाफ आक्रोश, 19 अक्टूबर से दो दिन का नगर बंद

संक्षेप में

सिंहस्थ 2028 की प्रस्तावित विकास योजनाओं से मकान और दुकानें प्रभावित होने की आशंका के बीच ओंकारेश्वर में 19 अक्टूबर से दो दिन का नगर बंद बुलाया गया है। स्थानीय नागरिकों और सर्वदलीय समिति ने उचित मुआवजे और पुनर्वास समेत 19 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन के रुख के खिलाफ यह कदम उठाया है।

मुख्य बातें

  • ओंकारेश्वर में 19 अक्टूबर से दो दिनों का नगर बंद रहेगा
  • सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों से मकान और दुकानें प्रभावित होने की आशंका है
  • सर्वदलीय समिति की 19 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन से असंतोष के बाद आंदोलन का फैसला लिया गया
  • बैठक की अध्यक्षता षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज ने की
मध्य प्रदेश
ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की विकास योजनाओं के खिलाफ आक्रोश, 19 अक्टूबर से दो दिन का नगर बंद

सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास कार्यों से मकान और दुकानें प्रभावित होने की आशंका के बीच ओंकारेश्वर में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रशासन की ओर से 19 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने के बाद, 19 अक्टूबर से दो दिनों तक पूरे नगर को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

शुक्रवार रात स्थानीय नागरिकों और सर्वदलीय नेताओं की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज ने की।

क्या हैं प्रमुख मांगें और पुनर्वास का मुद्दा

प्रभावित परिवारों और कारोबारियों का कहना है कि वे विकास कार्यों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन दशकों से बसे घरों और दुकानों को उजाड़ने से पहले उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समिति ने मांग की है कि मकानों और दुकानों का स्वतंत्र मूल्यांकन वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर हो और निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए।

इसके अलावा, शासकीय पट्टे वाले मकानों और लंबे समय से रह रहे पात्र नागरिकों को भी पुनर्वास का लाभ दिए जाने की बात कही गई है। विस्थापन से पहले वैकल्पिक व्यवस्था और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मुआवजा देने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

भूखंड और रोजगार सुरक्षा की मांग

समिति के प्रस्ताव के मुताबिक, प्रभावित परिवारों को वेलकम गेट के पास टंट्या मामा की प्रतिमा से गणेश नगर तक मुख्य मार्ग के दोनों ओर 60×90 फीट के भूखंड दिए जाएं। साथ ही, दुकानदारों के लिए आसपास वैकल्पिक दुकानें और किरायेदारों को पुनर्वास में प्राथमिकता देने की मांग भी शामिल है। मुआवजे की राशि में रोजगार के नुकसान को भी शामिल करने और सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने पर जोर दिया गया है।

शुक्रवार की बैठक में महंत मंगलदास त्यागी के अलावा प्रकाश परिहार, जयप्रकाश पुरोहित, गजेंद्र अग्रवाल, नगर भाजपा अध्यक्ष संतोष वर्मा, नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष राजेश यादव, पार्षद एवं नगर कांग्रेस अध्यक्ष चंपाबाई, और मायाबाई सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ओंकारेश्वर में नगर बंद का आह्वान क्यों किया गया है?

सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के कारण मकान और दुकानें प्रभावित होने की आशंका और 19 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई न किए जाने के विरोध में 19 अक्टूबर से दो दिन का नगर बंद बुलाया गया है।

आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?

इस आंदोलन और सर्वदलीय बैठकों की अध्यक्षता षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज कर रहे हैं, जिसमें विभिन्न दलों के नेता और स्थानीय नागरिक शामिल हैं।

प्रभावित नागरिकों और व्यापारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

प्रमुख मांगों में बाजार मूल्य के आधार पर संपत्ति का मूल्यांकन, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मुआवजा, विस्थापन से पहले वैकल्पिक भूखंड और रोजगार की सुरक्षा शामिल है।