पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार और हेलमंद प्रांतों में गुरुवार को एयरस्ट्राइक की। अफगान तालिबान सरकार के मुताबिक इन हमलों में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई में दोनों प्रांतों में कम से कम 3 मकान तबाह हुए हैं। यह हालिया महीनों में अफगानिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तानी सेना का 11वां हमला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों में अब तक दोनों पक्षों के बीच बड़े पैमाने पर जनहानि हुई है।
पाकिस्तानी सेना का दावा और तालिबान की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने दावा किया है कि गुरुवार को उसने दो अलग-अलग जगहों पर आतंकियों के ठिकानों को सटीक निशाना बनाया। पाकिस्तानी सैन्य सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई में कम से कम 22 लड़ाके मारे गए हैं।
दूसरी ओर, तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा- "पाकिस्तान का यह कदम पूरी तरह गलत है। यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है और इसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।"
सब्र का इम्तिहान न ले पाकिस्तान- तालिबान मंत्री
दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार के मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक कहा कि इस्लामाबाद को अफगानों के सब्र का इम्तिहान नहीं लेना चाहिए।
नूरुल्लाह नूरी ने कहा- "पाकिस्तान को अफगानिस्तान का इतिहास भली-भांति याद रखना चाहिए। यहां सोवियत संघ और अमेरिका जैसी महाशक्तियां भी लंबे संघर्ष के बाद कामयाब नहीं हो सकी थीं।"
सीमा पार घुसपैठ और TTP को लेकर तनातनी
पाकिस्तान का तर्क है कि हाल के हफ्तों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने अफगानिस्तान के पक्तिया और नंगरहार प्रांतों से पाकिस्तानी सीमा में घुसपैठ की कोशिश की है। इसके बाद सीमावर्ती इलाकों में दोनों पक्षों के बीच भारी गोलाबारी हुई।
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अफगान सीमा से ड्रोन भेजे गए, हालांकि तालिबान सरकार ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया है। इससे पहले सोमवार को भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें 28 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था। अफगान अधिकारियों ने उस दौरान भी नागरिकों के मारे जाने की बात कही थी।
पाकिस्तान टीटीपी संगठन को 'फितना-उल-खवारिज' के रूप में संबोधित करता है। हालांकि TTP और अफगान तालिबान तकनीकी रूप से अलग संगठन हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक दोनों के बीच वैचारिक और रणनीतिक गठजोड़ बना हुआ है।
