Tuesday, 20 October 2026
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फ्रांस में हिंसा पर ट्रम्प का विवादित बयान: पेरिस के जल्द मुस्लिम शहर बनने की बात कही; मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को ठहराया जिम्मेदार

संक्षेप में

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में जारी हिंसा के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बन जाएगा।

मुख्य बातें

  • डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बन जाएगा।
  • ट्रम्प ने फ्रांस में हिंसा के लिए मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को जिम्मेदार ठहराया।
  • फ्रांस के कई शहरों में 17 अक्टूबर को महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़पें हुईं।
  • पुलिस ने 2400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और करीब 1000 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
  • प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने पेरिस, लिली और नीस समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया है।
देश विदेश
फ्रांस में हिंसा पर ट्रम्प का विवादित बयान: पेरिस के जल्द मुस्लिम शहर बनने की बात कही; मैक्रों की इमिग्रेशन नीति को ठहराया जिम्मेदार

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के हालात पर बड़ा बयान दिया है। सोमवार को उन्होंने दावा किया कि फ्रांस की राजधानी पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। ट्रम्प ने देश में जारी हिंसक प्रदर्शनों और तोड़फोड़ के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीतियों को सीधी वजह बताया है।

ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने करीब आठ साल पहले ही मैक्रों को आगाह किया था कि अन्य देशों से बड़ी संख्या में लोगों को फ्रांस में बसने की अनुमति देना गलत फैसला साबित होगा। उनका कहना है कि इस चेतावनी के बावजूद फ्रांसीसी सरकार ने आव्रजन को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए।

फ्रांस में जनसांख्यिकी और धर्म के आंकड़े

प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस की कुल आबादी में करीब 46 प्रतिशत लोग ईसाई धर्म को मानते हैं। इसके अलावा, लगभग 43 प्रतिशत लोग किसी भी धर्म से ताल्लुक नहीं रखते हैं। देश में मुस्लिम आबादी की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत है, जबकि हिंदू, बौद्ध और अन्य धर्मों को मानने वाले लोग करीब एक प्रतिशत हैं।

हालांकि, फ्रांस की आधिकारिक जनगणना में नागरिकों से उनके धर्म के बारे में सीधे तौर पर कोई जानकारी नहीं जुटाई जाती है। इस वजह से विभिन्न स्वतंत्र सर्वे के आंकड़ों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, फ्रांस के 2019-20 के एक आधिकारिक सर्वे में 18 से 59 वर्ष की आयु के 10 प्रतिशत लोगों ने खुद को मुस्लिम और 29 प्रतिशत ने कैथोलिक ईसाई बताया था, जबकि 51 प्रतिशत ने खुद को नास्तिक या किसी धर्म को न मानने वाला घोषित किया था।

महंगाई और आर्थिक संकट भी बड़ी वजह

ट्रम्प भले ही फ्रांस की अशांति के लिए पूरी तरह इमिग्रेशन को जिम्मेदार ठहरा रहे हों, लेकिन विशेषज्ञ इस नजरिए से इत्तेफाक नहीं रखते। जानकारों के मुताबिक, फ्रांस में सुलग रहे असंतोष के पीछे केवल आव्रजन का मुद्दा नहीं है।

महंगाई, रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम, आर्थिक तंगी, सार्वजनिक सेवाओं पर लगातार बढ़ता दबाव और युवाओं में फैल रही नाराजगी जैसे कारक भी इन हालातों के लिए जिम्मेदार हैं। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, देश के दक्षिणपंथी नेता और कई टिप्पणीकार भी लगातार इमिग्रेशन नियमों को और सख्त करने की मांग कर रहे हैं।

महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन और कर्फ्यू

फ्रांस के कई प्रमुख शहरों में 17 अक्टूबर को जीवन-यापन के खर्च और महंगाई के खिलाफ निकाले गए मार्च के दौरान हिंसक झड़पें भड़क उठी थीं। इन प्रदर्शनों के दौरान सरकारी इमारतों को आग के हवाले करने, दुकानों में लूटपाट करने और ऐतिहासिक स्मारकों को नुकसान पहुँचाने की कई घटनाएं सामने आई हैं।

हालात बेकाबू होने के बाद पुलिस ने अब तक 2400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। इस हिंसा को रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों में करीब 1000 पुलिसकर्मी और सैन्य जवान घायल हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई। सरकार ने पेरिस, लिली और नीस समेत कई प्रभावित शहरों में सोमवार शाम से कर्फ्यू लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है, तो पूरे देश में आपातकाल (इमरजेंसी) भी घोषित किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस के बारे में क्या बयान दिया है?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बन जाएगा। उन्होंने फ्रांस में जारी हिंसा के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।

फ्रांस में हिंसा की मुख्य वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रांस में हो रही हिंसा के पीछे केवल इमिग्रेशन नीति नहीं, बल्कि महंगाई, रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम, आर्थिक परेशानियां और युवाओं की नाराजगी जैसे कारण भी हैं।

फ्रांस में सरकार ने हिंसा से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?

प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आपात बैठक बुलाई है और पेरिस, लिली व नीस समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया है। जरूरत पड़ने पर आपातकाल लगाने की चेतावनी भी दी गई है।

फ्रांस की कुल आबादी में विभिन्न धर्मों की स्थिति क्या है?

प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक, फ्रांस में करीब 46% ईसाई, 9% मुस्लिम और 43% लोग किसी धर्म को नहीं मानते हैं। हालांकि फ्रांस की आधिकारिक जनगणना में धर्म की सीधी जानकारी नहीं ली जाती।