Tuesday, 13 October 2026
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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में नागौर देशभर में अव्वल, राजस्थान के 8 जिलों का शानदार प्रदर्शन

संक्षेप में

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत राजस्थान के नागौर जिले ने फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में 18.44 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। योजना में राज्य के 8 जिलों को शामिल किया गया है।

मुख्य बातें

  • नागौर जिले ने फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में 18.44 पॉइंट्स के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया.
  • योजना के तहत देशभर से चयनित 100 आकांक्षी जिलों में राजस्थान के 8 जिले शामिल हैं.
  • ओवरऑल रैंकिंग में नागौर 84.13 पॉइंट्स के साथ देश में दूसरे स्थान पर रहा.
  • जैसलमेर में 2 हजार एकड़ में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट आधारित जीरे की खेती और 500 एकड़ में सौर ऊर्जा स्प्रिंकलर को सराहा गया.
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प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती में नागौर देशभर में अव्वल, राजस्थान के 8 जिलों का शानदार प्रदर्शन

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत देश के आकांक्षी जिलों में राजस्थान ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के तौर-तरीकों को अपनाने में नागौर जिले ने 18.44 अंक हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य में कृषि विकास को गति देने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है। देश भर से इस योजना के लिए 100 जिलों का चयन किया गया था, जिनमें राजस्थान के 8 जिले शामिल हैं।

नागौर और पाली का दमदार प्रदर्शन

योजना के तहत कृषि ऋण, फसल उत्पादन और भंडारण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए छह प्रमुख उद्देश्य तय किए गए हैं। नागौर ने इन मानकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कई श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

फसल कटाई के बाद स्टोरेज क्षमता बढ़ाने और लंबी अवधि के कृषि ऋणों की किसानों तक पहुंच सुगम बनाने के मामले में नागौर ने देश में चौथा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, पैदावार में बढ़ोतरी और गवर्नेंस व सर्विस डिलीवरी के मोर्चे पर जिला पांचवें स्थान पर रहा है। इसके अलावा, सिंचाई बुनियादी ढांचे के विकास में पाली जिले ने देशभर में आठवां स्थान हासिल किया है।

सभी 36 योजनाओं और उद्देश्यों को मिलाकर तैयार की गई ओवरऑल रैंकिंग में नागौर 84.13 अंकों के साथ देश भर में दूसरे स्थान पर है, जबकि पाली जिला 11वें पायदान पर है।

जैसलमेर की अनूठी पहल को राष्ट्रीय पहचान

योजना के तहत उन जिलों का चयन किया गया था जहां उत्पादकता, फसल सघनता और कृषि ऋण की उपलब्धता कम थी। इसी श्रेणी में शामिल जैसलमेर जिले के नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

जैसलमेर में 2 हजार एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट आधारित जीरे की खेती और 500 एकड़ में सौर ऊर्जा से चलने वाले स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक पानी के सीमित इस्तेमाल के साथ नवीकरणीय ऊर्जा और उत्पादकता बढ़ाने का प्रभावी मॉडल बन गई है।

फसल विविधीकरण से किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिलने के साथ ही उनकी आय के नए रास्ते खुल रहे हैं। बाजरा और दलहन जैसी पोषक फसलों के उत्पादन से पोषण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

36 योजनाओं का कन्वर्जन और त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषि मंत्रालय के साथ-साथ नीति आयोग, नाबार्ड और राज्य सरकारें मिलकर कुल 36 केंद्रीय योजनाओं पर एक साथ काम कर रही हैं। इनमें पीएम-किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, पीएम-कुसुम, केसीसी और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाएं शामिल हैं।

योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए त्रि-स्तरीय ढांचा तैयार किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव इसकी मॉनिटरिंग करते हैं, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति और नीति आयोग का विशेष पोर्टल इसकी मासिक रैंकिंग तय करता है। इस नियमित समीक्षा से कृषि उत्पादकता में सुधार होने के साथ ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में नागौर जिले ने कौन सा स्थान प्राप्त किया है?

फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने में नागौर जिले ने 18.44 अंक प्राप्त कर देश भर में पहला स्थान हासिल किया है।

राजस्थान के कितने जिलों को इस योजना के तहत चुना गया है?

देशभर से चयनित 100 आकांक्षी जिलों में राजस्थान के 8 जिलों को शामिल किया गया है, जिनमें नागौर और पाली का प्रदर्शन प्रमुख रहा है।

जैसलमेर जिले के किस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है?

जैसलमेर में 2 हजार एकड़ में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट आधारित जीरे की खेती और 500 एकड़ में सौर ऊर्जा आधारित स्प्रिंकलर सिंचाई के इस्तेमाल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

योजना के तहत जिलों की रैंकिंग कैसे तय की जाती है?

नीति आयोग द्वारा विकसित पोर्टल के जरिए 11 विभागों की 36 योजनाओं के प्रदर्शन और पैमानों के आधार पर जिलों की मासिक रैंकिंग की जाती है।