बालाघाट में 21 करोड़ रुपये की लागत से तैयार रेलवे ओवरब्रिज उद्घाटन के बाद विवादों में आ गया है। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने पुल के निर्माण कार्य, डिजाइन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक का कहना है कि पुल के एक हिस्से में करीब 200 मीटर तक फुटपाथ का निर्माण नहीं किया गया है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण पुल की चौड़ाई कम कर दी गई, जो निर्माण की गंभीर खामी है। विधायक ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण करने पहुंचीं विधायक अनुभा मुंजारे ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस पुल में पैदल राहगीरों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है। पुल के एक हिस्से में फुटपाथ नहीं होने से लोगों को सीधे वाहन मार्ग से होकर गुजरना पड़ेगा। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। विधायक ने यह भी कहा कि ब्रिज पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है, जिससे रात के समय लोगों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।विधायक ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी है कि वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने के कारण पुल के एक हिस्से की चौड़ाई कम रखी गई है। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अनुमति लंबित थी तो पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त की जानी चाहिए थीं, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए था। उनका कहना है कि किसी भी बड़े निर्माण में शुरुआत से अंत तक डिजाइन और चौड़ाई एक समान होना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों ने समुचित योजना के बिना कार्य किया, जिसके कारण आज यह स्थिति बनी है।लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी महज 12 घंटे पहले दी गई, जबकि उस समय वह दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रम में शामिल थीं। विधायक ने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में उद्घाटन कर दिया गया और जनप्रतिनिधियों को उचित जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मांग की है कि पुल के निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए, सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाए और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों व एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
