जयपुर में आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित 'स्मार्ट' परियोजना (सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रियल टाइम सिस्टम) का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर शुरू की गई इस स्वचालित नागरिक सेवा प्रदायगी व्यवस्था के जरिए अब तक विभिन्न सेवाओं के माध्यम से 3 लाख से अधिक लोग लाभ उठा चुके हैं।
राजधानी जयपुर में 1 जुलाई को आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान इस मंच की शुरुआत की गई थी। इस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) की तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए पात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है, जिससे योजनाओं के वितरण में मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो गया है।
मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर
राज्य सरकार ने इस प्लेटफॉर्म के दायरे को बढ़ाते हुए 2 अक्टूबर को राज्य स्तरीय विकसित भारत-जन सेवा अभियान के तहत मूल निवास प्रमाण-पत्र स्वतः जारी होने की नई सुविधा शुरू की। इस व्यवस्था के लागू होने से पात्र नागरिकों को प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए किसी भी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते।
प्रारंभिक चरण में स्कूल शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड को आधार बनाया गया है। इसके तहत राज्य में लगातार 10 साल तक पढ़ाई करने वाले लगभग 3 लाख विद्यार्थियों की पहचान की गई है। इन विद्यार्थियों की सहमति मिलने के बाद उन्हें स्वतः ही मूल निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 अक्टूबर तक 27 हजार से अधिक नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
जन आधार और राशन कार्ड से जुड़ी ये सेवाएं हैं शामिल
स्मार्ट प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिकों को कई ऐसी स्वचालित सेवाएं मिल रही हैं, जिनके लिए पहले अलग से आवेदन करना पड़ता था। इनमें जन आधार परिवार कार्ड में नवजात सदस्य का नाम स्वतः जोड़ना और किसी सदस्य की मृत्यु होने पर रिकॉर्ड से नाम हटाना शामिल है।
इसके अलावा, नवजात शिशु का राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) परिवार कार्ड तथा राशन कार्ड में स्वचालित रूप से जुड़ना और मृत्यु की स्थिति में इन दोनों कार्डों से स्वतः विलोपन की प्रक्रिया भी इसी मंच के माध्यम से संचालित हो रही है।
10 नई योजनाएं जल्द होंगी स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की 9वीं समीक्षा बैठक में निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं को भी इस स्वचालित प्लेटफॉर्म पर लाया जाए। इन नई सेवाओं के जुड़ने से आमजन को और अधिक सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी कागजी औपचारिकता के सीधे मिल सकेगा। सरकार का यह कदम राज्य में ई-गवर्नेंस को अधिक सुगम और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
