राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के तहत तीसरे चरण की वोटिंग की तारीख में बदलाव हो सकता है। छह नवंबर को धनतेरस के दिन होने वाले मतदान को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग विचार कर रहा है। त्योहार के दिन सार्वजनिक व्यस्तता और धार्मिक भावनाओं को देखते हुए तारीख आगे बढ़ाने पर मंथन चल रहा है, हालांकि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने तीन अक्टूबर को राज्य में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव चार चरणों में कराने की घोषणा की थी। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को, दूसरे चरण का 31 अक्टूबर, तीसरे चरण का छह नवंबर और चौथे चरण का मतदान 16 नवंबर को तय किया गया है। तीसरे चरण में प्रदेश की 3605 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाने हैं और इसी दिन धनतेरस का पर्व भी है।
त्योहार और मतदान की तारीख पर क्या बोले आयुक्त?
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जब चुनावी कैलेंडर तैयार किया गया था, तब धनतेरस की तिथि का ध्यान नहीं रहा था। उन्होंने कहा कि उस दिन कोई आधिकारिक अवकाश नहीं होता है और मतदान प्रक्रिया में अधिक समय नहीं लगता, क्योंकि शाम के वक्त लोग खरीदारी के बाद पूजा-अर्चना करते हैं।
आयुक्त ने आगे कहा कि आम जनता और मतदाताओं की तरफ से इस तिथि को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है। लोगों की आस्था और पर्व से जुड़ी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आयोग इस बात पर विचार कर रहा है कि इस स्थिति को कैसे सुधारा जाए, ताकि मतदान प्रतिशत पर असर न पड़े।
चुनाव कार्यक्रम एक नजर में
निर्वाचन आयोग के मौजूदा शेड्यूल के अनुसार पहले तीन चरणों की प्रक्रिया अक्टूबर और नवंबर के पहले सप्ताह में पूरी होनी है। अंतिम यानी चौथे चरण का मतदान 16 नवंबर को होगा। तीसरे चरण की 3605 पंचायतों में वोटिंग की तारीख बदलने पर प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी है और जल्द ही संशोधित तारीख पर आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है।
