Sunday, 4 October 2026
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राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का ऐलान: 41 जिला परिषदों और 14,403 ग्राम पंचायतों में मतदान का शेड्यूल जारी, आचार संहिता लागू

संक्षेप में

राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की घोषणा कर दी है, जिसके तहत 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे और पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है।

मुख्य बातें

  • राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनावों की घोषणा की
  • प्रदेश में 4 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे मतदान
  • कुल 1 लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे
  • मतदान का समय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक रहेगा
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राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का ऐलान: 41 जिला परिषदों और 14,403 ग्राम पंचायतों में मतदान का शेड्यूल जारी, आचार संहिता लागू

राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।चुनाव चार चरणों में संपन्न कराए जाएंगे।राज्य में 'वन स्टेट वन इलेक्शन' की परिकल्पना के तहत अधिकांश जिलों में एक साथ चुनाव प्रक्रिया पूरी की जा रही है परिसीमन और पुनर्गठन के बाद प्रदेश में जिलों की संख्या 33 से बढ़कर 41 हो चुकी है, जिसके चलते इस बार जनप्रतिनिधियों और मतदाताओं की  कुल संख्या में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला है।

चरणवार मतदान और तिथियां

चुनाव कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। जैसलमेर, फलौदी और सलूम्बर में मतदान एक ही चरण में पूरा होगा। वहीं, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालौर और उदयपुर में तीन चरणों में वोट डाले जाएंगे। राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा चार चरणों में मतदान होगा, जबकि शेष सभी जिलों में दो चरणों में चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।

मतदान दलों का प्रस्थान और वोटिंग की तिथियां चरणवार तय की गई हैं:

  • प्रथम चरण: मतदान दलों का प्रस्थान 22 अक्टूबर को होगा, जबकि जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर और पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा।
  • द्वितीय चरण: 28 अक्टूबर को दलों की रवानगी के बाद 29 अक्टूबर को जिला निकाय और 31 अक्टूबर को ग्राम पंचायत स्तर पर वोट पड़ेंगे।
  • तृतीय चरण: 3 नवंबर को प्रस्थान, 4 नवंबर को जिला-समिति सदस्य और 6 नवंबर को पंच-सरपंच का मतदान होगा।
  • चतुर्थ चरण: 13 नवंबर को रवानगी के बाद 14 नवंबर को जिला-समिति सदस्य और 16 नवंबर को पंच-सरपंच के लिए वोट डाले जाएंगे।

पंच और सरपंच पद की मतगणना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतदान के तुरंत बाद पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद उपसरपंच का चुनाव क्रमशः 26 अक्टूबर, 1 नवंबर, 7 नवंबर और 17 नवंबर को होगा।

नामांकन और प्रक्रिया के नियम

जिला परिषद सदस्यों के लिए सभी जिलों में नामांकन की प्रक्रिया एक ही समय पर होगी। इसके तहत 8 अक्टूबर को लोकसूचना जारी होगी, 13 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को संवीक्षा और 15 अक्टूबर को नाम वापसी तथा चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाएगा। पंचायत समिति और सरपंच पदों के लिए नामांकन की तिथियां संबंधित चरणों के हिसाब से अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक, रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में नामांकन दाखिल करने के दौरान उम्मीदवार समेत अधिकतम 5 लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति होगी। किसी भी तरह की रैली निकालने पर पूरी तरह रोक रहेगी।कार्यालय के 100 मीटर दायरे में वाहनों की संख्या सीमित की गई है, जिसके तहत जिला परिषद उम्मीदवार के लिए अधिकतम 3, पंचायत समिति के लिए 2 और सरपंच पद के प्रत्याशी के लिए सिर्फ 1 वाहन की इजाजत होगी।इसके अलावा, परिणाम आने के बाद किसी भी स्तर पर विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

खर्च सीमा और मतदान प्रणाली

चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशियों के लिए खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी गई है। जिला परिषद सदस्य के लिए यह सीमा 3 लाख रुपये, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1.5 लाख रुपये और सरपंच पद के लिए 1 लाख रुपये तय की गई है। सभी उम्मीदवारों को परिणाम घोषित होने के 15 दिन के भीतर अपना पूरा हिसाब जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा कराना होगा।

मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बैलेट बॉक्स और ईवीएम दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव पारंपरिक मतपेटियों के जरिए होंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति के सभी सदस्यों के लिए ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए बेल (BEL) और इसीआईएल (ECIL) की विभिन्न मॉडल की मशीनों को जिलों में आवंटित किया जा चुका है, जिनकी ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए 'ई-सूची' सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है।

मतदाता सूची और विशेष सुविधाएं

इस चुनाव में कुल 4,03,07,308 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 2,08,87,351 पुरुष, 1,94,19,789 महिलाएं और 168 थर्ड जेंडरशामिल हैं। मतदाताओं की कुल संख्या में पिछले चुनावों की तुलना में 6.22% की बढ़ोतरी हुई है।मतदान के लिए मतदाता के पास अपना वोटर आईडी कार्ड (EPIC) होना अनिवार्य है।यदि यह उपलब्ध नहीं है, तो आयोग द्वारा स्वीकृत 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसे  मूल दस्तावेज दिखाकर वोट डाला जा सकेगा।

बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं। हर पंचायत समिति में दिव्यांगों की सहायता के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो उन्हें केंद्र तक लाने और छोड़ने की व्यवस्था  देखेगा।मतदान केंद्रों के बाहर बूथ लेवल अधिकारियों की तैनाती के साथ 'वोटर सहायता केंद्र' बनाए गए हैं, ताकि परिसीमन के बाद बदले गए वार्डों की  जानकारी मतदाताओं को आसानी से मिल सके।शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में करीब 3.17 लाख कार्मिक और 2.72 लाख से अधिक पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव की घोषणा किसने की?

राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की घोषणा राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।

प्रदेश में कुल कितने मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए चुनाव हो रहे हैं?

इन चुनावों में 4 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, और कुल 1 लाख 55 हजार जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे।

मतदान का समय क्या रहेगा और कितने वैकल्पिक दस्तावेज मान्य हैं?

मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा और पहचान के लिए 11 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य किए गए हैं।

जयपुर जिले में मतदान कितने चरणों में संपन्न होगा?

जयपुर जिले के पंचायत राज चुनाव कुल 4 चरणों में संपन्न कराए जाएंगे।