नसीराबाद के विख्यात रामपुरा तेजाजी पीठ पर शारदीय नवरात्र की दशमी पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विशाल मेले का आयोजन हुआ। महामंडलेश्वर रमाकांत दास महाराज उर्फ रतनलाल महाराज के सानिध्य में हुए इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए अजमेर जिले समेत दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मान्यता है कि इस स्थान पर दुख और कष्ट निवारण के लिए हर महीने भक्तों का तांता लगा रहता है।
प्रात:कालीन अनुष्ठान और विशेष चौकी
मेले के दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में हुई। पंडित रामरतन शर्मा और घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में सुबह पूजन, हवन और यज्ञ संपन्न हुआ। सुबह 5:15 बजे महामंडलेश्वर रमाकांत दास महाराज के सानिध्य में विशेष चौकी आई, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए कड़े, चौकी और तांती तैयार किए गए।
दशमी के इस आयोजन को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखा गया। मनोकामनाओं की पूर्ति की आस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान की पूर्व संध्या पर ही रामपुरा तेजाजी धाम पहुंचना शुरू हो गए थे। रातभर चले जागरण में भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही और भोर होने तक लोग धाम पर ही डटे रहे। इस दौरान तेजाजी और बासक बाबा के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।
फूलों पर रेंगते हुए गद्दी तक पहुंचे महाराज
रामपुरा तेजाजी पीठ पर महामंडलेश्वर रमाकांत दास महाराज ने बाबा की चौकी आने के बाद फूलों पर रेंगते हुए गद्दी तक पहुंच कर अनुष्ठान की परंपरा निभाई। इस दौरान नए वाहन खरीदने वाले कई लोगों ने भी पीठ पर पहुंचकर अपने वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना कराई।
रामपुरा तेजाजी पीठ समिति के अध्यक्ष चतरसिंह राठौड के मुताबिक, इस धार्मिक स्थल की स्थापना संवत 2045 चैत्र सुदी दशमी रविवार को हुई थी। एक छोटे से गांव में स्थापित यह पीठ समय के साथ न सिर्फ जिले में, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी विख्यात हो गई। विभिन्न रोगों और परेशानियों के निवारण के लिए यहां हर दूज और दशमी को नियमित रूप से चौकी लगती है, जिसमें शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
