मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के एक व्यवसायी ने अपनी शारीरिक विशेषताओं और दुर्लभ कला के दम पर अनूठे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। जिले के प्रतिष्ठित कारोबारी संदीप रघुवंशी के पास एक ऐसा हुनर है, जिसमें वे साधारण खेत की मिट्टी को सिर्फ दो मिनट में अपने नाखून से रगड़कर आईने की तरह चमका देते हैं। इसके साथ ही, उनके दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में तीन की जगह चार पर्व (बूट) होने का दावा भी किया गया है, जिसे ज्योतिषीय और शारीरिक रूप से दुर्लभ माना जाता है।
केमिकल-फ्री नाखून और रिफ्लेक्टिव कला
संदीप रघुवंशी के पास मौजूद यह हुनर पूरी तरह प्राकृतिक है। उनके नाखूनों पर किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, फिर भी वे इतने चिकने और चमकदार हैं कि उनमें टीवी की स्क्रीन या किसी का भी चेहरा साफ देखा जा सकता है। धूप में उनके नाखून सौ फीसदी असली आईने की तरह काम करते हैं, जो आगे के चेहरे से लेकर पीछे की हर तस्वीर को रिफ्लेक्ट करने की क्षमता रखते हैं।
इस अनोखी सीक्रेट आर्ट का पहला पेटेंट भी उनके पास है, जिसके जरिए भविष्य में ब्यूटीशियन वर्ग को रॉयल्टी का अधिकार मिलने की बात कही जा रही है। वे खेत की मिट्टी से रिफ्लेक्टिव नग और रंगीन कलाकृतियां तैयार करने में माहिर हैं।
चार वर्ल्ड रिकॉर्ड और अगला लक्ष्य 'गिनीज बुक'
इस अनूठी कला के दम पर संदीप अब तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने इससे पहले लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मध्य प्रदेश का नाम दर्ज कराया था। इसके अलावा, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, नेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंटरनेशनल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और ग्लोबल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनके नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। चार वर्ल्ड और नेशनल रिकॉर्ड्स की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद, उनका अगला बड़ा लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी संस्था 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज कराना है।
हस्त रेखा और दुर्लभ शारीरिक संरचना का रहस्य
नाखूनों के इस हुनर के अलावा संदीप रघुवंशी के पास हस्त रेखा विज्ञान से जुड़ा एक और दुर्लभ शारीरिक संयोग है। उनके दाहिने हाथ की आखिरी उंगली में तीन की जगह चार खाने (पर्व) बने हुए हैं। जानकारों के मुताबिक, इस तरह की दुर्लभ शारीरिक संरचना करोड़ों इंसानों में से किसी एक व्यक्ति में ही देखने को मिलती है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जाता है।
