रायसेन जिले की ओबेदुल्लागंज नगर परिषद में करीब ढाई एकड़ बेशकीमती सरकारी जमीन की कथित रजिस्ट्री को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। नगर परिषद कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और ओबेदुल्लागंज नगर परिषद का घेराव किया। इससे पहले स्थानीय निकाय के 10 पार्षद भी इस मामले में सवाल उठा चुके हैं।

कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर बेशकीमती शासकीय जमीन को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि यदि रजिस्ट्री में नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसे तुरंत निरस्त किया जाए और इस पूरे खेल में शामिल अधिकारियों व अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो।

अध्यक्ष की कुर्सी पर पति के बैठने पर विवाद

प्रदर्शन के दौरान जमीन की रजिस्ट्री के अलावा एक और नया विवाद सामने आया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर खुद अध्यक्ष की जगह उनके पति नजर आए, जो कथित तौर पर फैसलों और कामकाज में दखल दे रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी करते हुए सवाल उठाया कि जब जनता ने एक महिला जनप्रतिनिधि को चुनकर जिम्मेदारी सौंपी है, तो उनके पति किस अधिकार के तहत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ रहे हैं। इसे महिला सशक्तिकरण के साथ खिलवाड़ बताते हुए पार्टी ने सत्ता और अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

प्रशासन पर टिकी निगाहें

इस पूरे घटनाक्रम पर एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव और कांग्रेस प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा के बयान भी सामने आए हैं। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू चौकसे का पक्ष भी इस विवाद के केंद्र में है।

सरकारी जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज और परिषद कार्यालय में कथित अनधिकृत दखल को लेकर अब प्रशासनिक जांच पर सभी की नजरें टिक गई हैं। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है।