Tuesday, 3 November 2026
अभी का दौर

राजस्थान में शिक्षा सुधार: 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ रुपए मंजूर, झालावाड़ हादसे के बाद बड़ा कदम

संक्षेप में

राजस्थान सरकार ने पंचायतीराज चुनाव से पहले प्रदेश के 472 सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण और सुविधाओं के विकास के लिए नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है।

मुख्य बातें

  • प्रदेश के 41 जिलों के 472 सरकारी स्कूलों का होगा कायाकल्प
  • 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी
  • नाबार्ड की आरआईडीएफ (RIDF) योजना के तहत मंजूर हुई राशि
  • उदयपुर के 113 स्कूलों को सबसे ज्यादा 71.92 करोड़ रुपए मिले
  • सरकार की अगले 3 साल में 12,500 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना
राज्य समाचार
राजस्थान में शिक्षा सुधार: 472 सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 401 करोड़ रुपए मंजूर, झालावाड़ हादसे के बाद बड़ा कदम

राजस्थान सरकार ने पंचायतीराज चुनाव से पहले सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए बड़ा वित्तीय कदम उठाया है। प्रदेश के 41 जिलों में आने वाले 472 सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण और आधुनिकीकरण के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। नाबार्ड की आरआईडीएफ (RIDF) योजना के तहत मिलने वाली इस राशि से स्कूलों में नए भवनों के साथ स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, फर्नीचर, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

यह प्रशासनिक स्वीकृति ऐसे समय में आई है जब प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की सुगबुगाहट तेज है। सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा लंबे समय से सियासी और सामाजिक गलियारों में बहस का केंद्र रहा है। पिछले वर्ष झालावाड़ में स्कूल भवन की छत गिरने से सात बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसके बाद अदालत की कड़ी सख्ती के बीच राज्य सरकार ने प्रदेशभर के स्कूल भवनों की स्थिति का तकनीकी सर्वे कराया था, जिसके आधार पर अब यह कार्ययोजना अमलीजामा पहन रही है।

दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों पर फोकस

तैयार की गई कार्ययोजना का दायरा प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक फैला है। उदयपुर और बांसवाड़ा के कोटड़ा, गोगुंदा, झाड़ोल, छोटी सरवन, कुशलगढ़ और आनंदपुरी जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों के स्कूलों को इस बजट में प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा झालावाड़ के अकलेरा, खानपुर और मनोहरथाना तथा बारां जिले के छबड़ा और किशनगंज क्षेत्र के जर्जर विद्यालयों की सूरत भी सुधरेगी। वहीं, जयपुर, अलवर और खैरथल-तिजारा के चाकसू, सांगानेर, कठूमर, तिजारा और राजगढ़ जैसे इलाकों के सरकारी स्कूलों में भी विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

जिलावार आवंटन पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा 113 स्कूल उदयपुर जिले के हैं, जिनके लिए 71 करोड़ 92 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके बाद झालावाड़ के 84 स्कूलों के लिए 55 करोड़ 86 लाख रुपए, सवाई माधोपुर के 39 स्कूलों के लिए 23 करोड़ 13 लाख रुपए और बांसवाड़ा के 33 स्कूलों के लिए 14 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि तय की गई है। सीकर के 6 स्कूलों को 12 करोड़ 70 लाख और अलवर के 11 स्कूलों को 20 करोड़ 38 लाख रुपए मिले हैं, जबकि सलूम्बर में एक स्कूल के लिए 41 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।

तीन साल में 12,500 करोड़ खर्च करने का रोडमैप

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक सरकारी स्कूलों को पूरी तरह सुरक्षित, आधुनिक और डिजिटल बनाने के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपए की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की है। इसी व्यापक विजन के पहले चरण के तहत इन 472 स्कूलों के लिए यह बजट जारी हुआ है। तकनीकी सर्वे में सामने आई जमीनी हकीकत के आधार पर तय किया गया है कि केवल चार दीवारें खड़ी करने तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि बच्चों के लिए एक आधुनिक शैक्षणिक माहौल तैयार किया जाएगा।

योजना के तहत बनने वाले स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लैब से ग्रामीण बच्चों को भी तकनीकी शिक्षा से जुड़ने का मौका मिलेगा। जलापूर्ति और बिजली कनेक्शन जैसी बुनियादी जरूरतों के अभाव में लंबे समय से जूझ रहे सरकारी परिसरों को राहत मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तय समयसीमा पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान सरकार ने सरकारी स्कूलों के लिए कितनी राशि मंजूर की है?

राजस्थान सरकार ने प्रदेश के 472 सरकारी स्कूलों के भवन निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए 401 करोड़ 3 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की है।

यह राशि किस योजना के तहत मंजूर की गई है?

यह राशि नाबार्ड की आरआईडीएफ (RIDF) योजना के तहत मंजूर की गई है, जिसके जरिए स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।

किन जिलों के स्कूलों को इस योजना में सबसे ज्यादा लाभ मिला है?

उदयपुर और झालावाड़ जिलों के स्कूलों को इस योजना में सबसे अधिक राशि मिली है। उदयपुर में 113 स्कूलों के लिए 71.92 करोड़ और झालावाड़ में 84 स्कूलों के लिए 55.86 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं।

सरकार की अगले तीन वर्षों में स्कूलों के लिए क्या योजना है?

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक सरकारी स्कूलों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए करीब 12,500 करोड़ रुपए की कार्ययोजना तैयार की है।