मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया जी मंदिर में इस महीने श्रद्धालुओं ने आस्था का नया रिकॉर्ड बनाया है। चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया स्थित इस मंदिर में भंडार, ऑनलाइन भेंट और मनीऑर्डर के जरिए कुल 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपए का चढ़ावा प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही भक्तों ने कीमती धातुओं का बड़ा दान भी अर्पित किया है।
बुधवार को मंदिर के भंडार की गिनती पांच चरणों में पूरी हुई। कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को भगवान सांवलिया सेठ का मुख्य भंडार खोला गया था, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के बीच अलग-अलग चरणों में गणना का कार्य चला।
पांच चरणों में हुई नकदी की गणना
मंदिर प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार, भंडार की पांच चरणों की गिनती में कुल 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार 818 रुपए नकद प्राप्त हुए। अकेले पांचवें और अंतिम चरण की गिनती से 44 लाख 22 हजार 718 रुपए निकले।
नकदी के अलावा डिजिटल माध्यमों से भी भक्तों ने बड़ी संख्या में राशि अर्पित की। ऑनलाइन भेंट और मनीऑर्डर के माध्यम से मंदिर को 7 करोड़ 59 लाख 47 हजार 311 रुपए प्राप्त हुए। इन दोनों स्रोतों की कुल राशि को मिलाकर इस महीने का चढ़ावा 31 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया।
सोना और चांदी का भारी चढ़ावा
भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में सिर्फ नकदी ही नहीं, बल्कि सोने और चांदी की भी भारी आवक हुई है। मंदिर कार्यालय और दानपेटी के माध्यम से पहुंचे चढ़ावे में कुल 930 ग्राम और 100 मिलीग्राम सोना प्राप्त हुआ। इसके साथ ही चांदी का आंकड़ा 92 किलो 242 ग्राम और 320 मिलीग्राम दर्ज किया गया।
सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। हर महीने भंडार खुलने के बाद सामने आने वाले इन आंकड़ों का इंतजार देशभर के भक्तों को रहता है।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
चढ़ावे की गिनती और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए मंदिर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौजूद रहे। अंतिम दिन चली गणना प्रक्रिया के दौरान मंदिर मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव, सदस्य पवन तिवारी, किशनलाल अहीर और रामलाल गुर्जर उपस्थित रहे।
इसके अलावा प्रथम प्रशासनिक अधिकारी राहुल धाकड़, द्वितीय प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सिंह, मंदिर एवं संपदा प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी और स्टोर प्रभारी मनोहर लाल शर्मा ने पूरी प्रक्रिया की देखरेख की। बैंक कर्मियों के सहयोग से पांचों चरणों का हिसाब पारदर्शी तरीके से पूरा किया गया।
