राजस्थान यूनिवर्सिटी में एक बार फिर चौंकाने वाला मामला सामने आया है.... जिससे यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है, जानकारी के मुताबिक आपको बता दे Sociology सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी पायी गयी है...  मंगलवार को निर्धारित समय पर जैसे ही परीक्षा शुरू हुई, छात्रों के बीच उस समय हड़कंप मच गया जब उन्हें दिए गए प्रश्नपत्र में सवालों की जगह सीधे तैयार किए गए जवाब और लंबी-लंबी थ्योरी लिखी हुई मिली। छात्रों ने इसे देखकर तुरंत आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि यह पूरा प्रश्नपत्र  AI की मदद से तैयार किया गया है, जिसमें मानवीय जांच की गंभीर कमी नजर आती है। परीक्षा हॉल में कुछ ही मिनटों के भीतर माहौल तनावपूर्ण हो गया और 3 बजे शुरू हुई परीक्षा महज कुछ ही मिनटों में विवादों में घिर गई। छात्रों का कहना है कि पेपर में न तो सामान्य प्रश्न थे और न ही MCQ, बल्कि पूरा कंटेंट उत्तरों के रूप में दिया गया था, जिससे वे पूरी तरह हैरान रह गए और लिखने की स्थिति में नहीं रहे। स्थिति बिगड़ती देख परीक्षा को तुरंत रद्द करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद छात्रों में और अधिक आक्रोश फैल गया। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि इनविजिलेटर्स ने प्रश्नपत्र वापस ले लिए और उन्हें इस मामले को बाहर किसी से साझा न करने की हिदायत भी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद छात्रों का एक समूह प्रशासनिक भवन के बाहर पहुंचा और जवाब की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जाए  साथ ही परीक्षा को पुनः आयोजित करने की नई तारीख भी घोषित कर दी गई है। लेकिन  एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं ने भी मामले को उठाया और उनका कहना है की  यह छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है और परीक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही का संकेत देता है।  इस पूरी घटना के बाद पूरे कैंपस में चर्चा तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ छात्र इसे तकनीकी गलती मान रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यह सिस्टम की गंभीर चूक है, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और आगे की कार्रवाई जाँच के आधार पर की जाएगी।