राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। मौसम केंद्र के मुताबिक, राज्य में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो गया है, जिसके प्रभाव से उत्तर-पूर्वी जिलों में 16 अक्टूबर तक झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
पांच जिलों में येलो अलर्ट, किसानों के लिए चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम के असर से पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बरसात हो सकती है। विभाग ने विशेष रूप से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर और फलोदी के आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की आशंका जताई है।
अचानक मौसम में आने वाले इस बदलाव को देखते हुए कृषि जानकारों ने किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर समेटने की सलाह दी है, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
जयपुर-भरतपुर संभाग में कब तक रहेगा असर
यह पश्चिमी विक्षोभ राज्य में 16 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। खासकर 15 अक्टूबर को इन संभागों के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है।
राजधानी जयपुर में मंगलवार को दिनभर आसमान साफ रहने के बाद धूप खिली रही, जिससे तापमान में 1 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। जयपुर में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने यहाँ भी 15 अक्टूबर को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया है।
दिन में तीखी धूप, रात में हल्की ठंड
राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ रहा। हालांकि, पश्चिमी जिलों में गर्मी ने एक बार फिर तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बाड़मेर में दिन का पारा सबसे ऊपर रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया।
अक्टूबर के इस दौर में भी लोगों को गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाई है। दिन के समय तीखी धूप परेशान कर रही है, हालांकि सूरज ढलने के बाद मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगती है।
