Sunday, 4 October 2026
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रक्षाबंधन 2026: 27 या 28 अगस्त, कब है राखी बांधने की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

संक्षेप में

रक्षाबंधन 2026 का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह 9:48 बजे तक रहेगी, और इस दिन भद्रा का कोई साया नहीं होगा।

मुख्य बातें

  • सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 9:08 बजे शुरू होगी।
  • पूर्णिमा तिथि का समापन 28 अगस्त 2026 को सुबह 9:48 बजे होगा।
  • रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
  • राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त 28 अगस्त को सुबह 6:24 से 9:48 बजे तक है।
धर्म
रक्षाबंधन 2026: 27 या 28 अगस्त, कब है राखी बांधने की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

सावन मास की पूर्णिमा तिथि को इस साल रक्षाबंधन का पर्व किस दिन मनाया जाएगा, इसे लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंडित प्रवीण मिश्र के मुताबिक, सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 08 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन अगले दिन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। तिथियों के इस फेर के बीच ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर रक्षाबंधन की सटीक तारीख और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त तय कर लिए गए हैं।

28 अगस्त को क्यों, क्या है वजह

तिथि के दो दिनों में विस्तार के कारण यह सवाल उठ रहा था कि राखी किस दिन बांधी जाए। पंचांग के अनुसार, उदया तिथि को महत्व देते हुए रक्षाबंधन का पावन पर्व 28 अगस्त 2026 को ही मनाया जाना सबसे उचित रहेगा। 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि रहने के कारण इसी दिन भाई-बहन का यह पवित्र त्योहार मनाया जाएगा।

भद्रा का साया और उसका समय

त्योहार को लेकर सबसे बड़ी राहत यह है कि इस साल भद्रा रक्षाबंधन के मुख्य समय को प्रभावित नहीं कर रही है। भद्रा 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 08 मिनट से शुरू होकर उसी दिन रात 9 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। चूंकि 28 अगस्त को पूर्णिमा के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा, इसलिए इस दिन बिना किसी चिंता के भाई की कलाई पर राखी बांधी जा सकेगी।

राखी बांधने के दो प्रमुख शुभ मुहूर्त

28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक ही है, इसलिए सुबह का समय राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम माना जा रहा है।

  • पहला शुभ मुहूर्त: 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इस दौरान राखी बांधना सबसे फलदायी रहेगा।
  • दूसरा अभिजीत मुहूर्त: यदि किसी वजह से सुबह का मुहूर्त छूट जाए, तो दोपहर 12 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 05 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में भी राखी बांधी जा सकती है।

राखी बांधने की सही विधि और नियम

शास्त्रों के मुताबिक, राखी बांधते समय भाई का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाकर अक्षत (चावल के दाने) लगाएं। इसके बाद सबसे पहले हाथ में पारंपरिक लाल रक्षासूत्र (मौली) बांधें और फिर डिजाइनर या अपनी पसंद की दूसरी राखी बांधें।

राखी बांधते समय इस पौराणिक मंत्र का उच्चारण करना चाहिए:

ऊं येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

मंत्र पूरा होने के बाद भाई की घी के दीपक से आरती उतारें और उन्हें मुंह मीठा कराएं। शुद्धता और प्रेम के इस प्रतीक पर्व पर घर में बनी खीर या हलवे का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रक्षाबंधन 2026 किस दिन मनाया जाएगा?

रक्षाबंधन 2026 इस साल 28 अगस्त को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन उदया तिथि के अनुसार पूर्णिमा मान्य है।

रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का सबसे अच्छा मुहूर्त क्या है?

28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 24 मिनट से सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक का समय राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम रहेगा।

क्या रक्षाबंधन 2026 पर भद्रा का साया रहेगा?

नहीं, रक्षाबंधन के दिन यानी 28 अगस्त को भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी।

राखी बांधते समय कौन सा मंत्र पढ़ना चाहिए?

राखी बांधते समय 'ऊं येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥' मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।