खुरई के शासकीय अनुसूचित जाति विभाग के महाविद्यालयीन छात्रावास में एक नाबालिग छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र संजय अहिरवार ने छात्रावास अधीक्षक माधव राय पर कॉलर पकड़कर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद छात्रों ने खाने की गुणवत्ता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी तीखा आक्रोश जताया है।
क्या है पूरा मामला
सिविल अस्पताल के पास संचालित 50 सीटर शासकीय अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में रविवार को यह विवाद हुआ। पीड़ित छात्र संजय अहिरवार के मुताबिक, वह अपने रिश्तेदार को खाना खाने के लिए कमरे में बुलाने गया था। इसी बात पर अधीक्षक माधव राय ने उसे थप्पड़ मारे और गर्दन पकड़कर झकझोर दिया।
मारपीट की सूचना मिलते ही शहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। घटना के बाद भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष भी छात्रावास पहुंचे और छात्रों की शिकायत सुनी। पीड़ित छात्र ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बदहाली और घटिया खाने के आरोप
छात्रों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मेस में मिलने वाला खाना बेहद घटिया स्तर का होता है। रोटियां इतनी खराब होती हैं कि उन्हें जानवरों को डालना पड़ता है या डस्टबिन में फेंकना पड़ता है। भूख लगने पर छात्रों को अपने ही कमरे में सब्जी या मैगी बनाकर काम चलाना पड़ता है।
इसके अलावा बुनियादी सुविधाओं का भी भारी अभाव है। कमरों के फर्श उखड़े हुए हैं और बिजली की कोई सुचारू व्यवस्था नहीं है। छात्रों को अपने खर्च पर वायरिंग और पंखों का इंतजाम करना पड़ा है। टॉयलेट की स्थिति इतनी खराब है कि उनका उपयोग करना मुश्किल है। हफ्ते में सिर्फ दो-तीन दिन पानी आता है, जिसके बाद बाहर लगे नल से पानी भरकर शौच और नहाने का काम चलाना पड़ता है।
करंट का खतरा और ज्ञापन
बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि छत से पानी टपकता है। नहाने के स्थान पर खराब वायरिंग के चलते करंट दौड़ता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इन सभी समस्याओं को लेकर छात्रों ने पुलिस को एसडीएम के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अधीक्षक पर कार्रवाई और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की गई है।
