Thursday, 29 October 2026
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सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन पर विवाद: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष ने फतवे की दी चेतावनी, की तौबा की अपील

संक्षेप में

अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे शरीयत के खिलाफ बताते हुए फतवा जारी करने की चेतावनी दी है और अभिनेत्री से तौबा करने की अपील की है।

मुख्य बातें

  • सारा अली खान ने केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना की थी।
  • ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसे शरीयत के खिलाफ बताया।
  • मौलाना ने अभिनेत्री के खिलाफ फतवा जारी करने की चेतावनी दी और माफी मांगने की नसीहत दी।
फिल्मी फीवर
सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन पर विवाद: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष ने फतवे की दी चेतावनी, की तौबा की अपील

बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने का मामला तूल पकड़ गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और अभिनेत्री के खिलाफ फतवा जारी करने की बात कही है। मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के नियमों के तहत किसी भी मुस्लिम का मंदिर में जाकर पूजा-पाठ करना जायज नहीं है।

यह विवाद तब सामने आया जब पिछले कुछ दिनों से देश के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम युवा मौलाना से लगातार यह सवाल पूछ रहे थे कि क्या सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर दर्शन और पूजा करना शरीयत के लिहाज से सही है। इसी सिलसिले में मौलाना ने अपना धार्मिक मत सार्वजनिक किया।

शरीयत के खिलाफ बताया कृत्य

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि इस्लाम में 'शिर्क' यानी अल्लाह के साथ किसी को साझी या बराबर ठहराने की अनुमति बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक, चाहे मुस्लिम पुरुष हो या महिला, किसी भी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा-पाठ करना इस्लामी मान्यताओं और शरीयत के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है। मौलाना का दावा है कि सारा अली खान ने मंदिर में केवल दर्शन ही नहीं किए, बल्कि विधिवत पूजा-अर्चना भी की, जो धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन है।

अभिनेत्री से माफी की मांग

विवाद बढ़ने के बाद मौलाना ने सारा अली खान को सार्वजनिक रूप से अपनी गलती का अहसास करने की नसीहत दी है। उन्होंने अभिनेत्री से कहा है कि उन्हें अपने इस कृत्य पर पछतावा करते हुए अल्लाह से तौबा (माफी) मांगनी चाहिए। मौलाना ने इस बात पर भी जोर दिया कि धार्मिक नियम सभी के लिए समान हैं और सेलिब्रिटी होने से कोई भी व्यक्ति इन सीमाओं से ऊपर नहीं हो जाता।

हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह बयान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का व्यक्तिगत और धार्मिक रुख है, जिसे पूरे इस्लामी समुदाय या सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं की एकमत राय नहीं माना जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन पर किसने विवाद खड़ा किया है?

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सारा अली खान के केदारनाथ दर्शन और पूजा-अर्चना पर आपत्ति जताई है।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने क्या फतवा जारी करने की बात कही है?

मौलाना ने शरीयत के नियमों का हवाला देते हुए सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी करने की चेतावनी दी है और उनसे तौबा करने की अपील की है।

इस्लाम और शरीयत के अनुसार इस मामले में क्या आपत्ति जताई गई है?

मौलाना के मुताबिक, शरीयत किसी भी मुस्लिम को दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर पूजा-पाठ करने या 'शिर्क' करने की अनुमति नहीं देती है।